चंडीगढ़: जस्टिस मनमोहन सिंह लिब्रहान का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच* के लिए बने आयोग के प्रमुख थे।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित सुद ने बताया कि जस्टिस लिब्रहान ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 3 अगस्त 2026 को होगा।
कानूनी सफर
- 1964: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में वकालत शुरू
- 1970-1987: पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य। 1976-1983 तक सचिव भी रहे
- 11 फरवरी 1987: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जज बने
- 7 जुलाई 1997: मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
- 28 फरवरी 1998: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने
लिब्रहान आयोग और बाबरी मस्जिद जांच
16 दिसंबर 1992 को केंद्र सरकार ने अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को हुई बाबरी मस्जिद विध्वंस की परिस्थितियों की जांच के लिए वन-मैन कमीशन बनाया और इसकी जिम्मेदारी जस्टिस लिब्रहान को सौंपी।
लिब्रहान आयोग ने 17 साल तक जांच की और 2009 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में विध्वंस से जुड़े कई पहलुओं पर निष्कर्ष दिए गए थे।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे।


