KOLKATA: पश्चिम बंगाल में भर्ती भ्रष्टाचार मामले में ईडी का शिकंजा अब `कमरहटी के TMC विधायक मदन मित्रा` पर कसा है। केंद्रीय एजेंसी ने मदन मित्रा को पूछताछ के लिए तलब किया है।
29 जुलाई को हाजिर होने का आदेश
ईडी ने मदन मित्रा को `29 जुलाई` को `केंद्रीय सरकारी कार्यालय परिसर` में हाजिर होने का समन भेजा है। जानकारी के अनुसार मदन जांच में सहयोग करेंगे।
इससे पहले `23 जुलाई` को ईडी ने मदन की पत्नी को तलब किया था। कुछ दिन पहले ही एजेंसी ने मदन के दो बेटों को भी समन भेजा था।
पहले हो चुकी है ईडी की रेड
मदन मित्रा का नाम `कमरहटी नगरपालिका में अवैध भर्ती मामले` में सामने आया था।
`जून महीने` में ईडी ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें `भवानीपुर` स्थित घर और `दक्षिणेश्वर` समेत अन्य घर शामिल थे। छापे के दौरान कई दस्तावेज भी बरामद किए गए थे।
परिवार को पहले आया था नोटिस
14 जुलाई को ईडी ने मदन के परिवार को नोटिस भेजा था। उसी शाम मदन, रीतब्रत खेमे के सदस्य और एंटाली के पूर्व विधायक `संदीपान साहा` के घर पहुंचे थे। अगली सुबह वे विधानसभा में `रीतब्रत खेमे` में शामिल हो गए और `ममता बनर्जी का साथ छोड़` दिया।
*अभिषेक बनर्जी को दी खुली चुनौती
पाला बदलने के बाद मदन मित्रा ने अकेले ही TMC सांसद `अभिषेक बनर्जी` को निशाने पर लिया और लगातार हमले किए।
- `19 जुलाई` को लाइव में उन्होंने अभिषेक को `हत्यारा` तक कह दिया। जवाब में अभिषेक ने मदन को `10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस` भेजा।
- `21 जुलाई` की रैली में मदन ने कहा था – `अभिषेक का हाथ छोड़ो और इन लड़कों का हाथ थाम लो। यह तुम्हारी पार्टी है, अभिषेक की पार्टी नहीं।`
इसी 21 जुलाई की बैठक से लौटते ही मदन को ईडी का समन मिला।
TMC नेता `कुणाल घोष` ने भी व्यंग्य करते हुए कहा था – `हमारा एक आदमी उनके बीच रह गया है।`


