RANCHI / MECKLUSKIGANJ: जुलाई के मध्य में हुई झमाझम बारिश ने धान रोपनी का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है। खेतों में पानी आने के साथ ही किसान धान रोपाई में जुट गए हैं।
लपरा पंचायत से हुई रोपाई की शुरुआत
मैक्लुस्कीगंज के खलारी प्रखंड अंतर्गत लपरा पंचायत` क्षेत्र में किसानों ने खेतों की जुताई के बाद धान रोपनी शुरू कर दी है।
रोपाई से पहले पंचायत के सभी गांवों के किसानों ने `पारंपरिक पूजन` किया। इसके बाद पंचायत के `मंगरुत्तरी निवासी बाबूराम मुंडा` के नम्बर खेत में सबसे पहले धान रोपनी की गई।
आसपास के इलाकों में भी तेज हुई तैयारी
लपरा पंचायत के `नावाडीह, हेसालौंग, जोभिया` और `मायापुर पंचायत` के `दुल्ली, केदल, हरहु, सरना, कोनका` सहित कई क्षेत्रों में खेतों की जुताई कर उन्हें रोपाई के लिए तैयार किया जा रहा है। ट्रैक्टरों से जुताई का काम तेजी से चल रहा है।
जिन किसानों ने देरी से बिचड़ा लगाया था, उनका बिचड़ा अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। लेकिन मौसम अनुकूल होने से अच्छी पैदावार की उम्मीद में उनके चेहरे भी खिले हुए हैं।
मजदूरी बढ़ने से बढ़ा खर्च
किसानों ने बताया कि शुरुआत में मजदूर मिल रहे हैं, लेकिन 8-10 दिन बाद मजदूर मिलना मुश्किल हो सकता है।
इस वजह से मजदूरों ने मजदूरी भी बढ़ा दी है। अभी मजदूर `250 से 300 रुपये प्रति दिन` के हिसाब से रोपाई कर रहे हैं। इससे किसानों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
पाहाणों और कृषि जानकारों की सलाह
- पानी की निकासी करें – जिन खेतों में बिचड़ा है वहां मेड़ काटकर अतिरिक्त पानी निकालें ताकि बिचड़ा खराब न हो
- रोपाई का सही समय – तैयार बिचड़े के लिए अभी रोपाई का समय बिल्कुल सही है, किसान बिना देरी किए रोपाई शुरू कर सकते हैं
किसानों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह साथ देती रही तो इस बार धान की फसल के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल है और पैदावार अच्छी होने की संभावना है।


