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Petrol Diesel Price Hike Today: मध्य पूर्व संकट के बीच देश में फिर बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानिए आपके शहर की नई कीमतें और महंगाई पर इसका असर

Petrol Diesel Price Hike Today: देश के आम नागरिकों की जेब पर एक बार फिर महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का एलान कर दिया है। आज सुबह से लागू हुई नई दरों के मुताबिक ईंधन के दामों में लगभग 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब जनता पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान है। देश की राजधानी दिल्ली में इस फैसले के बाद पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई है जबकि डीजल का भाव बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

Petrol Diesel Price Hike Today: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक इतनी बड़ी बढ़ोतरी क्यों की गई है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण भारतीय तेल कंपनियों पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था। मध्य पूर्व के देशों में चल रहे युद्ध और विशेष रूप से ईरान के संकट ने वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव की वजह से भारतीय तेल विपणन कंपनियां पिछले लगभग 10 हफ्तों से पुराने रेट पर ही ईंधन बेच रही थीं जिसके कारण उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था।

इससे पहले शुक्रवार 15 मई को भी तेल कंपनियों ने कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त बढ़ोतरी की थी। हालांकि उस बड़ी वृद्धि के बावजूद तेल कंपनियों के घाटे की पूरी भरपाई नहीं हो सकी थी जिसके कारण आज मंगलवार को दोबारा कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया गया। दिल्ली में पिछली बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये हुआ था जो अब नई बढ़ोतरी के बाद 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह दिल्ली में डीजल भी 87.67 रुपये से बढ़कर पहले 90.67 रुपये हुआ था और आज यह 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।

देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी इस बढ़ोतरी का व्यापक असर देखा जा रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमतों में 91 पैसे का इजाफा हुआ है जिससे वहां अब एक लीटर पेट्रोल 107.59 रुपये में मिल रहा है जबकि डीजल का दाम 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा 96 पैसे की मार पड़ी है और वहां नई कीमत 109.70 रुपये प्रति लीटर हो गई है जबकि डीजल 94 पैसे की तेजी के साथ 96.07 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे महंगा होकर 104.49 रुपये और डीजल 86 पैसे की बढ़त के साथ 96.11 रुपये प्रति लीटर के स्तर को छू चुका है।

देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?

पेट्रोल और डीजल के दामों में की गई इस बढ़ोतरी का सीधा और सबसे बड़ा असर आम आदमी की रसोई और उसके मासिक बजट पर पड़ने वाला है। डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से देश के भीतर माल ढुलाई का खर्च तुरंत बढ़ जाता है। जब माल ढुलाई महंगी होती है तो फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी राशन सामग्री को एक राज्य से दूसरे राज्य भेजने की लागत में बढ़ोतरी हो जाती है जिसके कारण खुदरा बाजार में इन चीजों के दाम बढ़ जाते हैं।

इस बदलाव का सबसे सीधा असर छोटे व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले नौकरीपेशा वर्ग पर पड़ेगा। रोजाना अपने निजी वाहनों जैसे मोटरसाइकिल या कार से दफ्तर जाने वाले लोगों के मासिक खर्च में अब उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। इसके अलावा ऑटो, टैक्सी और बस संचालकों द्वारा भी आने वाले दिनों में किराए में बढ़ोतरी की मांग की जा सकती है जिससे मध्यम वर्ग के नागरिकों की बचत पूरी तरह प्रभावित होगी।

Petrol Diesel Price Hike Today: आने वाले दिनों में ईंधन के दामों की क्या स्थिति रहेगी

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बाजार के मौजूदा रुख को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों से फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह ऊंचे स्तरों पर बने रहे तो तेल कंपनियां आने वाले हफ्तों में भी टुकड़ों में कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रख सकती हैं जिससे खुदरा कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।

ऐसी स्थिति में आम उपभोक्ताओं को अपने दैनिक खर्चों को संतुलित करने के लिए अपनी परिवहन आदतों में कुछ व्यावहारिक बदलाव करने की आवश्यकता होगी। जहां तक संभव हो सके लोगों को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो, लोकल ट्रेनों और बसों का अधिक उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा बड़े शहरों में रहने वाले कामकाजी लोग कारपूलिंग का विकल्प भी चुन सकते हैं जिससे ईंधन पर होने वाले व्यक्तिगत खर्च को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सरकार की तरफ से भी इस बात के प्रयास किए जा रहे हैं कि देश में वैकल्पिक ईंधनों जैसे इथेनॉल मिश्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को तेजी से बढ़ावा दिया जाए ताकि कच्चे तेल पर निर्भरता को कम किया जा सके। उपभोक्ताओं के लिए भी यह समय इलेक्ट्रिक दोपहिया या चौपहिया वाहनों की ओर रुख करने के लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है जिससे वे भविष्य में होने वाली ऐसी अनपेक्षित मूल्य वृद्धियों के वित्तीय झटकों से खुद को पूरी तरह सुरक्षित रख सकें।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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