UTI Home Remedies: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी यूटीआई महिलाओं में होने वाली एक बेहद आम समस्या है, जिसका सामना अधिकतर महिलाओं को जीवन में कभी न कभी करना पड़ता है। साफ-सफाई का ध्यान न रखना और गंदे टॉयलेट का इस्तेमाल इसके मुख्य कारणों में शामिल है। इस समस्या से जूझ रहे कई लोग घरेलू उपायों की तलाश में रहते हैं, और इनमें से एक उपाय है चावल का मांड यानी चावल का पानी। सवाल यह है कि क्या वाकई चावल के मांड में यूटीआई ठीक करने की क्षमता होती है। इस बारे में आशा आयुर्वेद की डॉक्टर चंचल शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी है, जिसे समझना हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है जो प्राकृतिक तरीकों से इस समस्या से राहत पाना चाहता है।
UTI Home Remedies: क्या होता है चावल का मांड
चावल का मांड दरअसल चावल पकाते समय निकलने वाला वह पानी है, जो हर घर की रसोई में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। जब भी घर में चावल बनाए जाते हैं, तो उसका अतिरिक्त पानी अलग निकाला जा सकता है और इसे कई तरह से इस्तेमाल में लाया जाता है। परंपरागत रूप से इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता रहा है, और कई लोगों का मानना है कि इससे यूरिन इंफेक्शन में भी राहत मिलती है।
बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मददगार
आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार चावल के मांड में मौजूद गुण शरीर से बैक्टीरिया को बाहर निकालने में सहायक होते हैं, खासतौर पर वे बैक्टीरिया जो यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। इसी वजह से इसे यूटीआई की समस्या में एक प्राकृतिक सहायक उपाय के तौर पर देखा जाता है। हालांकि यह किसी दवा का विकल्प नहीं है, बल्कि लक्षणों में राहत देने वाला एक घरेलू सहयोगी माना जाता है।
शरीर को ठंडक देने वाला गुण
चावल का पानी या चावल का मांड शरीर को अंदर से ठंडा रखने का काम करता है, जिसके चलते गर्मियों के मौसम में इसका सेवन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी और गर्मी बढ़ने से यूरिनरी इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में चावल के मांड का सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाकर इस खतरे को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है।
जलन और दर्द से मिल सकती है राहत
चावल के मांड में विटामिन बी, सी और ई पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं, जो पेशाब करते समय होने वाली जलन और दर्द को कम करने में सहायक माने जाते हैं। यूटीआई के दौरान अक्सर यही लक्षण सबसे ज्यादा परेशान करते हैं, और इन विटामिनों की मौजूदगी की वजह से चावल का मांड पेशाब के रास्ते होने वाले संक्रमण को कम करने में उपयोगी माना जाता है।
UTI Home Remedies: कैसे करें चावल के मांड का सही इस्तेमाल
आयुर्वेदिक डॉक्टर के मुताबिक आधा गिलास चावल के पानी में थोड़ी चीनी मिलाकर पीने से यूरिनरी इन्फेक्शन के लक्षणों में तुरंत राहत महसूस हो सकती है। कुछ लोग इसमें काला नमक और नींबू मिलाकर पीने की सलाह भी देते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने के साथ-साथ यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। इस तरह चावल का मांड न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि गर्मी के मौसम में इसका नियमित सेवन कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है।
यूटीआई के लिए अन्य आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेद में यूरिनरी इन्फेक्शन से राहत पाने के लिए कई अन्य प्राकृतिक उपाय भी बताए गए हैं। इलायची को नारियल पानी के साथ लेना एक कारगर तरीका माना जाता है, वहीं सूखी अदरक, अनार का रस और सेंधा नमक का मिश्रण भी लाभकारी बताया गया है। इसके अलावा केले के तने का रस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि आंवले को इलायची के साथ पीसकर लेने की भी सलाह दी जाती है।
UTI Home Remedies: लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूरी
घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय भले ही राहत देने में सहायक साबित हों, लेकिन अगर यूटीआई के लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं या समस्या जल्दी ठीक नहीं होती, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय पर सही इलाज न मिलने पर यूरिनरी इन्फेक्शन गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए घरेलू उपायों को शुरुआती राहत के तौर पर अपनाया जा सकता है, मगर चिकित्सकीय सलाह को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
चावल के मांड को लेकर आयुर्वेद में यह मान्यता जरूर है कि यह यूटीआई के लक्षणों में राहत दिलाने में सहायक हो सकता है, खासतौर पर जलन, दर्द और बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में। हालांकि इसे किसी भी बीमारी का पूर्ण इलाज मानना उचित नहीं होगा। सेहत से जुड़े किसी भी उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित तरीका है, ताकि समस्या का सही और समय पर समाधान हो सके।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी से संबंधित उपाय अपनाने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
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