Anupama Spoiler: स्टार प्लस का लोकप्रिय धारावाहिक ‘अनुपमा’ इन दिनों टीवी स्क्रीन पर जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा पेश कर रहा है. कहानी में लगातार आ रहे नए-नए कूटनीतिक मोड़ दर्शकों को बांधकर रखने में पूरी तरह सफल साबित हो रहे हैं. आज के एपिसोड में प्रेम की बढ़ती फ्रस्ट्रेशन और बिजनेस की प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर पहुंच गई है.
अनुपमा के कैफे की लगातार बढ़ती हुई लोकप्रियता को देखकर प्रेम पूरी तरह से बौखला उठा है. इसके साथ ही दोनों कैफे के बीच पार्किंग स्पेस को लेकर छिड़ी जंग, शाह परिवार में बढ़ता आपसी तनाव और आगामी ‘फूड कार्निवल’ की महा-तैयारियों ने इस एपिसोड के रोमांच को दोगुना कर दिया है. आइए विस्तार से जानते हैं आज के एपिसोड की पूरी कहानी और आने वाले बड़े ट्विस्ट के बारे में.
Anupama Spoiler, पार्किंग स्पेस पर अनुपमा का बड़ा समझौता
आज के एपिसोड की शुरुआत अनुपमा के हमेशा की तरह शांत, समझदार और सुलझे हुए रवैये के साथ होती है. प्रेम और अनुपमा के कैफे के ठीक सामने गाड़ियों की पार्किंग की जगह को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो जाता है. अनुपमा अपने शांत स्वभाव के कारण किसी भी तरह के झगड़े या तमाशे से बचना चाहती है. इसलिए वह बिना किसी बहस के पार्किंग की जगह प्रेम के कैफे को दे देने का एकतरफा फैसला कर लेती है.
अनुपमा के इस अचानक लिए गए समझौते के फैसले को सुनकर अंश पूरी तरह से हैरान रह जाता है. अनुपमा इस बीच प्रेम को पूरा आश्वासन देती है कि वह इस पूरे मामले को खुद शांति से संभाल लेगी. हालांकि, इसके बावजूद प्रेम भारी गुस्से में अपने कैफे के अंदर चला जाता है. दूसरी तरफ, राहि कैफे के अंदर बैठकर ईश्वर से प्रार्थना कर रही होती है. जब वह प्रेम को गुस्से में देखती है, तो उससे पूछती है कि आखिर बाहर क्या हुआ है. प्रेम बहुत ही चिढ़कर राहि से कहता है कि अनुपमा के कैफे में उनके मुकाबले ज्यादा भीड़ आ रही है, और यही बात उसे अंदर ही अंदर बहुत ज्यादा परेशान कर रही है।
श्रुति की कूटनीतिक सलाह और प्रेरणा की वफादारी पर शक
कैफे के अंदर चल रहे इस मानसिक तनाव के बीच श्रुति आकर प्रेम को समझाने की कोशिश करती है. वह प्रेम से कहती है कि उसे अपने काम की तुलना किसी भी हाल में अनुपमा के तजुर्बे से नहीं करनी चाहिए. इस पर प्रेम जवाब देता है कि अनुपमा को पछाड़ने के लिए उसके पास एक बहुत ही शानदार बिजनेस आइडिया है. श्रुति जब उससे वह आइडिया पूछती है, तो प्रेम कहता है कि वह इस बारे में बात करने के लिए प्रेरणा का इंतजार कर रहा है.
यह सुनकर श्रुति तुरंत प्रेम को सचेत करती है और सलाह देती है कि उसे प्रेरणा पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए. श्रुति साफ कहती है कि प्रेरणा को उनके कैफे बिजनेस से पूरी तरह दूर रखना ही बेहतर होगा. हालांकि, राहि और प्रेम दोनों ही श्रुति की बात से असहमत होते हुए प्रेरणा का खुलकर साथ देते हैं. प्रेम कहता है कि प्रेरणा सिर्फ एक बिजनेस पार्टनर नहीं बल्कि उसकी बहुत अच्छी दोस्त है.
इस पर श्रुति उन्हें कड़वी सच्चाई बताते हुए कहती है कि समय के साथ रिश्तों के समीकरण बदलते रहते हैं, और वह इसके लिए अनुपमा और प्रेम का ही उदाहरण देती है. इसी बीच प्रेरणा वहां पहुंच जाती है और खुद को प्रेम का सबसे बड़ा हितैषी और सच्चा दोस्त बताती है. वह याद दिलाती है कि यह नया कैफे खोलने का मुख्य आइडिया भी उसी का था.
परिवार में बढ़ता कलह और दिग्विजय का बिजनेस ज्ञान
दूसरी तरफ, अनुपमा के कैफे में पार्किंग को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. माही, अंश और किंजल तीनों ही पार्किंग के मुद्दे पर प्रेम के अड़ियल रवैये को देखकर बेहद गुस्से में आ जाते हैं. तब अनुपमा और दिग्विजय मिलकर उन सबको शांत कराते हैं. अनुपमा अपने बच्चों को बिजनेस का एक बड़ा मूलमंत्र समझाते हुए कहती है कि अगर आपके हाथ के बने खाने का स्वाद अच्छा होगा, तो ग्राहक पार्किंग की परवाह किए बिना भी आपके पास खींचे चले आएंगे. लेकिन अगर खाने का स्वाद ही खराब होगा, तो कैफे के आगे कितनी भी बड़ी पार्किंग क्यों न हो, ग्राहक कभी लौटकर नहीं आएगा.
इसी दौरान दूसरे कैफे में प्रेरणा, श्रुति से पूछती है कि क्या उसे सच में उस पर कोई भरोसा नहीं है? श्रुति इसका सीधा जवाब देते हुए कहती है कि उसने खुद अपनी आंखों से प्रेरणा को अनुपमा की मदद से बाजार में सब्जी खरीदते हुए देखा था. श्रुति को यह डर सता रहा है कि प्रेरणा उनके कैफे के सारे सीक्रेट और रेसिपीज ले जाकर अनुपमा को लीक कर सकती है. इस पर प्रेरणा पलटवार करते हुए कहती है कि यह एक सामान्य कैफे है, इसमें ऐसे कौन से सीक्रेट छिपे हैं जो लीक हो जाएंगे.
पार्किंग को लेकर दोबारा छिड़ा युद्ध और को-ब्रांडिंग का सुझाव
तनाव तब और ज्यादा बढ़ जाता है जब एक नया ग्राहक प्रेम के पास आकर पार्किंग न मिलने की सीधी शिकायत कर देता है. इस बात को लेकर प्रेम और अंश के बीच एक बार फिर से सरेआम पार्किंग स्पेस को लेकर धक्का-मुक्की और झगड़ा शुरू हो जाता है. दोनों को लड़ता देख ईशानी और राहि भी इस विवाद में कूद पड़ती हैं और एक-दूसरे के साथ तीखी बहस करने लगती हैं.
इस पूरे हंगामे को बढ़ता देख अनुपमा बीच-बचाव करने आती है और युवा पीढ़ी को हर परिस्थिति में शांति बनाए रखने की बड़ी सीख देती है. इसी बीच, दिग्विजय इस रोज-रोज की लड़ाई और सिरदर्दी से बचने के लिए प्रेम को दोनों कैफे की ‘को-ब्रांडिंग’ (Co-branding) करने का एक बेहतरीन बिजनेस आइडिया देते हैं. हालांकि, राहि दिग्विजय के इस आइडिया को खारिज करते हुए कहती है कि दिग्विजय बहुत ज्यादा चालाक है और वह अपना फायदा देख रहा है. अनुपमा इस मौके पर राहि को टोकती है और उसे अपना दिमाग शांत रखकर ठंडे मन से सोचने की सलाह देती है.
फूड कार्निवल की नई चुनौती और परितोष की कूटनीति
एपिसोड में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आता है जब परितोष (तोशू) कूटनीतिक रूप से राहि और प्रेम के पास पहुंचता है. वह उन दोनों को आगामी ‘फूड कार्निवल’ (Food Carnival) प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का एक बड़ा कूटनीतिक सुझाव देता है. परितोष उन्हें अंदर की खबर देते हुए बताता है कि अनुपमा भी इस फूड कार्निवल को जीतने के लिए दिन-रात एक करके बड़ी तैयारी में जुटी हुई है. इसके साथ ही परितोष प्रेम के सामने एक लालच रखता है कि अगर प्रेम इस कार्निवल को जीत जाता है, तो उसे जीतने के बाद मिलने वाली राशि में से परितोष को उसका तय कमीशन देना होगा.
परितोष की इस घटिया कूटनीति और अनुपमा की बढ़ती लोकप्रियता की बात सुनकर प्रेम का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है. वह तड़पकर गुस्से में अनुपमा के कैफे का पार्किंग बोर्ड उठाकर जमीन पर फेंक देता है. इस हरकत को देखने के बाद दिग्विजय अनुपमा को कड़ी सलाह देते हैं कि उन्हें प्रेम की इन हरकतों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए और अपने काम पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उनके पास पहले से ही फूड कार्निवल का बहुत ज्यादा काम है.
Anupama Spoiler: प्रेम का नया ऑफर प्लान और अनुपमा की नायाब रणनीति
प्रेम अपने कैफे में कॉलेज के युवा छात्रों को आकर्षित करने के लिए कई तरह की फैंसी डील्स और डिस्काउंट ऑफर्स देने का एक नया प्लान तैयार करता है. इस पर प्रेरणा उसे जमीनी हकीकत बताते हुए कहती है कि कॉलेज के जो छात्र घर से दूर रहते हैं, वे अक्सर बाहर हॉस्टल में घर का बना शुद्ध खाना मिस करते हैं. यही एकमात्र मुख्य कारण है कि अनुपमा के कैफे में घर जैसे स्वाद के कारण हमेशा छात्रों की ज्यादा भीड़ उमड़ती है.
प्रेरणा की इस बात पर श्रुति उस पर तंज कसती है, तो प्रेरणा सीधे शब्दों में कह देती है कि श्रुति और राहि चाहे जो कर लें, वे दोनों मिलकर भी अनुपमा के काम के स्तर को कभी नहीं छू सकतीं. इसके बाद श्रुति प्रेम का हौसला बढ़ाते हुए उसे अपने डील्स वाले आइडिया पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है.
इसी बीच प्रेम चुपके से देखता है कि अनुपमा इस बार फूड कार्निवल के लिए देश के अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों यानी ‘स्टेट-वाइज फूड प्लान’ (State-wise Food Plan) पर काम कर रही है. अनुपमा की इस नायाब और दूरदर्शी रणनीति को देखकर प्रेम अंदर से पूरी तरह हैरान और बुरी तरह डर जाता है. वहीं दिन ढलते ही अनुपमा का कैफे एक बार फिर ग्राहकों की भारी भीड़ से पूरी तरह भर जाता है, जिसे देखकर प्रेम की नाराजगी और फ्रस्ट्रेशन और ज्यादा बढ़ जाती है।
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