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Instagram Notice: बाल शोषण सामग्री पर केंद्र सरकार सख्त, इंस्टाग्राम को नोटिस भेजकर तुरंत हटाने का निर्देश

Instagram Notice: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी कथित सामग्री और विज्ञापनों के प्रसार को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेटा (मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक) के प्रतिनिधियों को तलब करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में सामने आई बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि इंस्टाग्राम पर ऐसे पेड विज्ञापन चलाए जा रहे थे, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री की ओर इशारा कर रहे थे। इन विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजा जा रहा था, जहाँ आपत्तिजनक सामग्री बेची जा रही थी।

Instagram Notice: सरकार की चेतावनी और मेटा पर दबाव

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को एक सख्त नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री कैसे प्रसारित हो रही है और इसे रोकने के लिए कंपनी अब तक क्या कदम उठा रही है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बाल शोषण से जुड़ी किसी भी सामग्री को तुरंत हटाया जाए। यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार है जब सरकार ने मेटा के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंत्रालय ने मेटा से जवाब मांगा है कि आखिर किन सुरक्षा मानकों के बावजूद ये विज्ञापन यूजर्स तक पहुंच रहे थे।

ऑनलाइन सुरक्षा पर मंडराता खतरा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन विज्ञापनों में बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था और टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से अवैध सामग्री तक पहुंच आसान बनाई जा रही थी। यह मामला न केवल तकनीक के दुरुपयोग का है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर अपराध भी है। डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार का रुख काफी सख्त रहा है, क्योंकि इस तरह के कंटेंट न केवल बच्चों के लिए हानिकारक हैं, बल्कि साइबर अपराध के नए रास्ते भी खोलते हैं। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सोशल मीडिया कंपनियों को अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में सुधार करना होगा।

Instagram Notice: व्हाट्सएप के फीचर पर भी है विवाद

इंस्टाग्राम के इस मामले से ठीक पहले, केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप के प्रस्तावित ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर भी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। सरकार का मानना है कि इस तरह के नए फीचर्स से ऑनलाइन धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों में वृद्धि हो सकती है। सरकार ने कंपनी को साफ निर्देश दिए हैं कि जब तक इस मामले में विस्तृत बातचीत और सुरक्षा जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को लॉन्च नहीं किया जाएगा। डिजिटल युग में सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे यूजर की प्राइवेसी और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें।

Instagram Notice: डिजिटल सुरक्षा के लिए आगे की राह

सोशल मीडिया पर सामग्री का प्रसार जिस तरह से हो रहा है, उसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि तकनीक और सुरक्षा के बीच एक बड़ा संतुलन बनाना अनिवार्य है। सरकार अब पूरी तरह से इस मूड में है कि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को एआई और बेहतर मॉडरेशन टूल्स का उपयोग करके ऐसे विज्ञापनों को शुरुआत में ही ब्लॉक करना चाहिए। मेटा पर सरकार की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जवाबदेही तय करने का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि मेटा सरकार के नोटिस का क्या जवाब देती है और क्या वे अपने सिस्टम में बड़े बदलाव करने को राजी होते हैं। सरकार का सीधा संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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