Petrol-Diesel Price 4 Aug 2026: भारतीय ईंधन बाजार में 4 अगस्त 2026 को भी स्थिरता का माहौल देखने को मिल रहा है। देश भर की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। राष्ट्रीय स्तर पर कीमतें स्थिर बनी रहने से आम जनता और वाहन चालकों को राहत मिली है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय करों और वैट के कारण विभिन्न शहरों में खुदरा दरों में मामूली अंतर बना हुआ है।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार में ईंधन के दाम बीते कुछ समय से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। मई के महीने के बाद से ही देश के अधिकांश हिस्सों में खुदरा पंपों पर दरों में बहुत बड़ा फेरबदल दर्ज नहीं किया गया है। तेल कंपनियों की इस रणनीति से महंगाई दर को नियंत्रित रखने में भी काफी हद तक मदद मिल रही है।
Petrol-Diesel Price 4 Aug 2026: प्रमुख महानगरों और गुरुग्राम में आज के पेट्रोल-डीजल के रेट
देश के चारों महानगरों के साथ-साथ एनसीआर के प्रमुख शहर गुरुग्राम में आज पेट्रोल और डीजल की दरें पूरी तरह स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो वहां वैट की दरें अधिक होने के कारण पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।
आईटी और औद्योगिक हब गुरुग्राम में आज पेट्रोल 102.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर की दर से उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। वहीं, चेन्नई में आज पेट्रोल की दर 107.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 99.65 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
कैसे तय होती हैं दैनिक आधार पर पेट्रोल और डीजल की दरें?
भारत में पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग मॉडल के तहत रोजाना ईंधन के दामों की समीक्षा की जाती है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख तेल विपणन कंपनियां हर सुबह 6:00 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। ये दरें पिछले 15 दिनों के अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की औसत कीमतों और विदेशी मुद्रा विनिमय दर के आधार पर तय की जाती हैं।
इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा और पारदर्शी लाभ या प्रभाव घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। यद्यपि कंपनियां रोज सुबह नई कीमतें निर्धारित करती हैं, फिर भी पिछले कुछ महीनों से वैश्विक बाजार में बड़े झटके न लगने के कारण खुदरा कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। सुबह 6 बजे लागू होने वाली ये दरें पूरे दिन के लिए मान्य रहती हैं।
राज्यों में कीमतों के अंतर का मुख्य कारण: वैट और माल भाड़ा
अक्सर वाहन चालकों के मन में यह सवाल उठता है कि एक ही देश में अलग-अलग राज्यों या शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम भिन्न क्यों होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला वैल्यू एडेड टैक्स यानी वैट (VAT) है। हर राज्य सरकार अपने राजस्व और बजटीय आवश्यकताओं के अनुसार ईंधन पर अलग-अलग दर से वैट और लोकल सेस वसूलती है।
इसके अलावा रिफाइनरी से पेट्रोल पंपों तक ईंधन पहुंचाने में लगने वाला परिवहन शुल्क (Freight Charge) भी शहर दर शहर बदलता रहता है। जो शहर रिफाइनरी या तटीय डिपो से दूर होते हैं, वहां माल भाड़ा अधिक होने के कारण कीमतें थोड़ी ज्यादा हो जाती हैं। इसी वजह से मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में दिल्ली या गुरुग्राम की तुलना में पेट्रोल और डीजल के दाम अधिक नजर आते हैं।
Petrol-Diesel Price 4 Aug 2026: कच्चे तेल का रुख और आगामी दिनों में दरों की संभावना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की चाल सीधे तौर पर भारतीय ईंधन दरों को प्रभावित करती है। वर्तमान में वैश्विक मांग और आपूर्ति के संतुलन के कारण कच्चे तेल के भाव एक निश्चित दायरे में बने हुए हैं। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा उछाल नहीं आता, तब तक घरेलू स्तर पर भी आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की दरों में भारी बढ़ोतरी की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के भाव में गिरावट का दौर शुरू होता है, तो आने वाले समय में घरेलू तेल कंपनियां भी खुदरा कीमतों में कटौती कर सकती हैं। फिलहाल, दरों में बनी यह स्थिरता मध्यम वर्ग और परिवहन क्षेत्र के लिए काफी सुकून देने वाली है, जिससे माल ढुलाई की लागत और दैनिक यात्रा का बजट नियंत्रित बना हुआ है।
4 अगस्त 2026 को देश भर में पेट्रोल और डीजल के दाम पूरी तरह शांत और स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर तेल कंपनियों ने आज सुबह की समीक्षा में कोई फेरबदल नहीं किया है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट और परिवहन लागत के कारण मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में दरें दिल्ली एवं गुरुग्राम के मुकाबले थोड़ी अधिक हैं। आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें वैश्विक बाजार के रुझानों और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरों पर निर्भर करेंगी।
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