Jamuria Factory Blast: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक जिले पश्चिम बर्धमान के जमुरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और भीषण औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है, जहाँ एक स्थानीय स्पंज आयरन फैक्ट्री की मुख्य भट्टी (ब्लास्ट फर्नेस) में जोरदार धमाका हो गया। विभागीय विनिर्देशों के अनुसार, शुक्रवार 17 जुलाई 2026 की देर रात करीब 11 बजे हुए इस विस्फोट के तुरंत बाद पूरी विनिर्माण यूनिट में भीषण आग लग गई। इस अचानक हुए हादसे में भट्टी के समीप कार्यरत कम से कम पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलस कर घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय ग्रामीणों और श्रमिक संघों का दावा है कि आठ से दस मजदूर अभी भी फैक्ट्री के भीतर लापता हैं, जिनके मलबे और अत्यधिक तापमान के बीच फंसे होने की गंभीर आशंका बनी हुई है।
Jamuria Factory Blast: विस्फोट की भीषण तीव्रता, आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत और ढांचागत क्षति
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, भट्टी में हुआ विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी गूंज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के महुआडंगाल और जमुरिया क्षेत्रों में रहने वाले लोग भूकंप के डर से घरों से बाहर निकल आए। इस तीव्र झटके के कारण कारखाने के समीप स्थित कई नागरिक आवासों की दीवारों व छतों में गहरी दरारें आ गई हैं और खिड़कियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए हैं। स्पंज आयरन के निर्माण में लौह अयस्क को कोयले की मदद से उच्च तापमान पर रिड्यूस किया जाता है, जिसके चलते गैसों के दबाव में हुई मामूली तकनीकी चूक या सुरक्षा उपकरणों की खराबी ऐसे बड़े थर्मल धमाकों का मुख्य कारण बनती है।
Jamuria Factory Blast: पुलिस और दमकल विभाग का बचाव अभियान, अत्यधिक तापमान के कारण तलाशी में देरी
घटना की सूचना मिलते ही जमुरिया थाने के इंचार्ज सौमेंद्र सिंह ठाकुर भारी पुलिस बल और दमकल विभाग की कई गाड़ियों के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। हालांकि, भट्टी की यूनिट का आंतरिक तापमान और थर्मल रेडिएशन का स्तर इतना अधिक बना हुआ है कि अग्निशामकों के लिए फैक्ट्री के भीतर प्रवेश कर पाना फिलहाल पूरी तरह असंभव साबित हो रहा है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि जब तक आपदा प्रबंधन और उद्योग विभाग के विशेषज्ञ भट्टी को पूरी तरह से ठंडा कर क्षेत्र को तकनीकी रूप से सुरक्षित घोषित नहीं कर देते, तब तक अंदर फंसे लापता मजदूरों की खोज के लिए कोई भी सघन तलाशी अभियान शुरू नहीं किया जा सकता है।
Jamuria Factory Blast: राजनीतिक दलों के तीखे आरोप-प्रत्यारोप, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक जांच
इस हाई-प्रोफाइल हादसे के तुरंत बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भी तनाव फैल गया है, जहाँ क्षेत्रीय विधायक बिजन मुखोपाध्याय ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों के लिए त्वरित एम्बुलेंस सेवाओं का प्रबंध किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। दूसरी तरफ, विपक्षी दल के नेता दीप बंद्योपाध्याय ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी करने और संकट के समय कार्यस्थल से फरार होने के गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए भारी मुआवजे की मांग की है।
निष्कर्ष: जमुरिया की इस स्पंज आयरन यूनिट (Jamuria Factory Blast) में लगी आग पर दमकल की टीमें लगातार काबू पाने का प्रयास कर रही हैं और पुलिस ने कारखाने के सुरक्षा रिकॉर्ड को जब्त कर कानूनी जांच शुरू कर दी है। यदि आप भी इस औद्योगिक दुर्घटना के घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, लापता श्रमिकों के नाम विनिर्देशों और आसनसोल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोटों की प्रमाणित डिजिटल जानकारी चाहते हैं, तो पश्चिम बंगाल पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स अथवा श्रम मंत्रालय के प्रमाणित आपदा नियंत्रण पोर्टल पर जाकर लाइव अपडेट्स अवश्य चेक कर लें।
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