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UP Weather Tragedy: आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 101 की मौत, सीएम योगी का सख्त आदेश- ’24 घंटे में मिले मुआवजा’

UP Weather Tragedy: उत्तर प्रदेश में बुधवार की शाम मौत बनकर आई। राज्य के कई हिस्सों में आए भीषण आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर में अब तक 101 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तबाही का मंजर इतना खौफनाक था कि कहीं विशालकाय पेड़ उखड़ गए, तो कहीं बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह ढह गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा पर गहरा दुख जताया है और अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं।

मौत का तांडव: भदोही और प्रयागराज में सबसे ज्यादा नुकसान

बुधवार शाम को अचानक बदले मौसम ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि सड़कों पर चल रहे वाहन पलट गए और झोपड़ियां जमींदोज हो गईं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा तबाही पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिली है।

प्रयागराज में सबसे ज्यादा 21 लोगों की मौत हुई है, वहीं भदोही में 18 और मिर्जापुर में 15 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6, बरेली और प्रतापगढ़ में 4-4 लोगों की मौत की खबर है। सीतापुर, रायबरेली, चंदौली, कानपुर देहात, हरदोई और संभल में भी 2-2 लोगों की जान गई है। वहीं कौशांबी, शाहजहांपुर, सोनभद्र और लखीमपुर खीरी में भी 1-1 व्यक्ति की मौत हुई है।

सीएम योगी के सख्त निर्देश: ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’

राज्य में हुई इस भारी जनहानि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को खुद फील्ड पर उतरने के आदेश दिए हैं। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि जो भी नुकसान हुआ है, चाहे वह इंसानी जान हो, मवेशी हों या फसल- उसका सर्वे तुरंत कराया जाए।

मुख्यमंत्री के आदेश की मुख्य बातें:

  • 24 घंटे में मुआवजा: मृतकों के परिजनों, घायलों और जिन किसानों के पशु मरे हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता (मुआवजा) दी जाए।
  • बेहतर इलाज: अस्पतालों में भर्ती घायलों को मुफ्त और बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाए। दवाओं या स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
  • फील्ड पर अधिकारी: राजस्व और कृषि विभाग की टीमें घर-घर जाकर नुकसान का जायजा लेंगी। इसमें किसी भी तरह की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं होगी।

UP Weather Tragedy: खौफनाक मंजर: जान बचाने के लिए पेड़ के नीचे छिपे और वहीं दब गए

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो तूफान इतना अचानक और तेज था कि लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया। आसमान में काला गुबार छा गया और दिन में ही रात जैसा अंधेरा हो गया। राह चलते लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोगों ने भारी बारिश से बचने के लिए बड़े पेड़ों के नीचे शरण ली, लेकिन वही पेड़ उनकी मौत का कारण बन गए। तेज हवाओं के कारण पुराने और भारी पेड़ जड़ से उखड़कर लोगों और वाहनों पर गिर गए।

ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब रही। मिट्टी की दीवारें गिरने और झोपड़ियां ढहने से कई परिवार मलबे में दब गए। बिजली के तार टूटने की वजह से कई इलाकों में अंधेरा छाया रहा, जिससे रात के समय राहत कार्य चलाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

प्रशासन अलर्ट मोड पर: घर-घर जाकर हो रहा सर्वे

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रभावित जिलों में टीमें बनाकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। लेखपाल और राजस्व अधिकारी गांवों में जाकर पीड़ित परिवारों से मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि पीड़ितों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी। बीमा कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे फसल बीमा के दावों का जल्द से जल्द निपटारा करें ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।

मौसम विभाग का अलर्ट: खतरा अभी टला नहीं है

राहत कार्यों के बीच मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी ने चिंता और बढ़ा दी है। विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों।

UP Weather Tragedy: निष्कर्ष

कुदरत के इस कहर ने सैकड़ों परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। प्रशासन का काम केवल पैसा बांटना नहीं, बल्कि उन लोगों का सहारा बनना भी है जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है। उम्मीद है कि सरकार की यह तत्परता पीड़ितों के आंसू पोंछने में मददगार साबित होगी। लोगों से भी अपील है कि वे आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के प्रति सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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