Hooghly, 28 जुलाई 2026: बंगाल के आलू किसान इस साल भारी नुकसान झेल रहे हैं। राज्य में 30 लाख मीट्रिक टन आलू सरप्लस हो गया है, लेकिन दूसरे राज्यों में सप्लाई न होने से दाम 100 से 150 रुपये प्रति बोरी तक गिर गए हैं।
इस संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार ने निर्यात पर सब्सिडी देने का फैसला किया है।
क्यों गिरे आलू के दाम
पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने हुगली में कहा कि पिछले कुछ सालों से आलू निर्यात पर रोक लगी थी। इससे बाजार पूरी तरह बर्बाद हो गया।
इस बार बंगाल में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, लेकिन मांग न होने से किसानों को लागत भी नहीं मिल पा रही। कोल्ड स्टोरेज भरे पड़े हैं।

सरकार की नई योजना – निर्यात पर सब्सिडी
सरकार ने फाइल वित्त विभाग को 3 बार भेजी है। बजट में घोषणा हुई है कि:
- किसानों से आलू खरीदने पर सब्सिडी दी जाएगी
- कोल्ड स्टोरेज मालिकों और व्यापारियों को सब्सिडी मिलेगी जो दूसरे राज्यों में आलू भेजते हैं
- कृषि विपणन विभाग छोटी सब्सिडी की व्यवस्था करेगा
लक्ष्य है 30 लाख मीट्रिक टन सरप्लस आलू को दूसरे राज्यों में भेजकर दाम स्थिर करना।
पंचायत और भ्रष्टाचार पर बैठक
दिलीप घोष ने चुंचुरा रवींद्र भवन में हुगली जिले की पंचायतों की समीक्षा बैठक भी ली। बैठक में जिला मजिस्ट्रेट, जिला परिषद अध्यक्ष और अधिकारी मौजूद थे।
मंत्री ने कहा:
- बीजेपी सरकार में कई नई परियोजनाएं शुरू हुई हैं
- अन्नपूर्णा योजना में फर्जी नाम जोड़े गए थे, नियम बदले गए
- भ्रष्टाचार पर नजर: बिना टेंडर काम, फर्जी फिट सर्टिफिकेट, इधर-उधर पैसा लगाने के आरोपों की जांच हो रही है। कई पुराने टेंडर रोके गए हैं।
निष्कर्ष: आलू की सब्सिडी से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन जब तक निर्यात शुरू नहीं होता, कोल्ड स्टोरेज में पड़े आलू सड़ने का खतरा बना हुआ है।


