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Haryana Roadways Free Travel: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग भी कर सकेंगे रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

Haryana Roadways Free Travel: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के दिव्यांगों को एक बड़ी सौगात देते हुए हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी नए आदेशों के मुताबिक, अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले नागरिक भी रोडवेज की साधारण बसों में बिल्कुल मुफ्त सफर कर सकेंगे। इससे पहले तक यह सुविधा केवल 100 प्रतिशत दिव्यांग श्रेणी के लोगों को ही मिल रही थी। सरकार के इस कदम से राज्य के हजारों दिव्यांगों को सीधे तौर पर आर्थिक और सामाजिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा। विभाग ने इस संबंध में सभी डिपो को गाइडलाइंस जारी कर दी हैं और नए नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

Haryana Roadways Free Travel: सालों पुरानी मांग पूरी, अब 40 से 99 प्रतिशत दिव्यांगता पर भी मिलेगी छूट

हरियाणा में दिव्यांग संगठन लंबे समय से मुफ्त बस यात्रा के दायरे को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। पूर्व के नियमों के कारण एक बड़ी आबादी इस सुविधा से वंचित रह जाती थी। नूंह जिले के परिवहन विभाग के महाप्रबंधक (जीएम) प्रदीप अहलावत ने सरकार के इस नए आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से पत्र मिलते ही स्थानीय स्तर पर सभी बस काउंटरों और परिचालकों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।

इस फैसले के बाद से बस अड्डों पर खुशी का माहौल है। नूंह बस स्टैंड पर मौजूद दिव्यांग यात्री शौकीन, यूनूस और जमशेद ने बताया कि उन्हें काम के सिलसिले में अक्सर दूसरे शहरों में जाना पड़ता था, जिससे उनका काफी पैसा किराये में खर्च हो जाता था। सरकार के इस फैसले से अब उनके सिर से आर्थिक बोझ कम होगा और वे आत्मनिर्भर होकर आ-जा सकेंगे।

क्या है इस योजना का पुराना इतिहास और नया बदलाव?

हरियाणा सरकार ने सबसे पहले 25 अगस्त 2008 को दिव्यांगों के लिए मुफ्त बस यात्रा का प्रावधान किया था। उस समय के नियमों के अनुसार, केवल उन्हीं लोगों को मुफ्त टिकट मिलता था जो 100 प्रतिशत दिव्यांग थे। इसके साथ ही पूरी तरह असमर्थ होने के कारण उनके साथ चलने वाले एक मददगार यानी अटेंडेंट को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती थी। यह व्यवस्था पिछले करीब 18 सालों से इसी तरह चली आ रही थी।

अब अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी नए संशोधनों के तहत इस सीमा को घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी अब 40 प्रतिशत से लेकर 99 प्रतिशत तक की दिव्यांगता वाले लोग भी इस दायरे में शामिल हो चुके हैं। इस नीतिगत बदलाव से रोडवेज का सफर करने वाले उन मध्यम दिव्यांग लोगों को बड़ी राहत मिली है जो हर दिन रोजगार या इलाज के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं।

मुफ्त सफर के लिए क्या हैं शर्तें और कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?

सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी नियम और शर्तें भी तय की हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। यह सुविधा केवल हरियाणा के मूल निवासियों के लिए ही मान्य होगी। इसके साथ ही मुफ्त यात्रा का लाभ केवल हरियाणा राज्य की भौगोलिक सीमा के भीतर चलने वाली साधारण (ऑर्डिनरी) बसों में ही मिलेगा। दूसरे राज्यों के रूटों पर यह नियम कैसे काम करेगा, इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश देखे जाएंगे।

यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्रियों को अपने पास केंद्र सरकार द्वारा जारी यूडीआईडी (यूनिक डिसबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड रखना अनिवार्य होगा। बस में सफर के दौरान जब भी परिचालक (कंडक्टर) या चेकिंग स्टाफ टिकट की मांग करेगा, तो यात्री को यह असली कार्ड दिखाना होगा। बिना डिजिटल यूडीआईडी कार्ड के मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं दिया जाएगा।

Haryana Roadways Free Travel: जमीनी स्तर पर तैयारी तेज, बस डिपो में हलचल

सरकार का आदेश आते ही हरियाणा के सभी जिलों के बस डिपो में प्रशासनिक मुस्तैदी बढ़ गई है। सभी रूटों पर चलने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों को विशेष रूप से निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे दिव्यांग यात्रियों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और यूडीआईडी कार्ड देखते ही नियमानुसार शून्य मूल्य का टिकट जारी करें।

रोडवेज यूनियनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस फैसले से दिव्यांगों की समाज में गतिशीलता बढ़ेगी और वे बिना किसी आर्थिक हिचकिचाहट के अपने जरूरी कामों के लिए बाहर निकल सकेंगे। आने वाले दिनों में समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बस अड्डों पर यूडीआईडी कार्ड वेरिफिकेशन के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा सकते हैं, ताकि नए लाभार्थियों को कार्ड बनवाने में कोई दिक्कत न हो।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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