Shimla | 30 जुलाई 2026: हिमाचल प्रदेश में लंबित असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने स्वास्थ्य विभाग को भर्ती की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश
न्यायमूर्ति संजय करोल और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, लेकिन सभी नियुक्तियां हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित रिट याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि हर चयनित उम्मीदवार को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर निर्भर है।
यह अंतरिम आदेश *हिमाचल प्रदेश सरकार बनाम बालकृष्ण* मामले में पारित किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की SLP पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी को नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
6 नवंबर 2025 की अधिसूचना के तहत होगी प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर 2025 की अधिसूचना के तहत ही भर्ती पूरी करने की छूट दी है। साथ ही राज्य सरकार को 5 कार्य दिवस के भीतर हाईकोर्ट में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
कोर्ट ने हाईकोर्ट से भी मामले की शीघ्र सुनवाई कर जल्द फैसला सुनाने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार को 1 सप्ताह के भीतर प्रतिवादी को नोटिस की तामील कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने दिया 2 सप्ताह का अंतिम अवसर
गुरुवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 2 सप्ताह का अंतिम अवसर दिया।
अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि राज्य सरकार अभी तक प्रदेश में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों की सटीक संख्या अदालत के समक्ष पेश नहीं कर सकी है।


