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Kolkata Metro: कोलकाता मेट्रो का टाइमटेबल बदला, ब्लू और ग्रीन लाइन पर अब इस समय मिलेंगी पहली और आखिरी ट्रेनें

Kolkata Metro: रोजाना सुबह की भागदौड़ में मेट्रो पकड़ने वाले लाखों यात्रियों के लिए कोलकाता से एक बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली मेट्रो रेलवे ने अपनी दो सबसे महत्वपूर्ण लाइनों के संचालन समय और फेरों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। ऑफिस जाने वाले लोगों से लेकर छात्र-छात्राओं तक, हर वर्ग के मुसाफिरों को अब आवागमन में सहूलियत मिलने की पूरी उम्मीद है।

अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, नया और संशोधित शेड्यूल आगामी 27 जुलाई से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। इस बदलाव के बाद यात्रियों को सुबह के वक्त ट्रेनें अपेक्षाकृत काफी जल्दी मिल सकेंगी, वहीं रात के समय भी सेवा की समय-सीमा को आगे बढ़ाया गया है। आइए जानते हैं कि इस नए टाइमटेबल से ब्लू और ग्रीन लाइन की समय-सारणी में क्या कुछ खास बदला है।

Kolkata Metro: 27 जुलाई से लागू होगा बदला हुआ शेड्यूल

आने वाली 27 जुलाई की तारीख शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिहाज से काफी अहम रहने वाली है। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती संख्या और उनकी लगातार आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। सप्ताह के कार्य दिवसों और शनिवार के दिन सुबह के शुरुआती घंटों में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य है।

शेड्यूल में किए गए इन बदलावों के दायरे में दक्षिणेश्वर से कवि सुभाष तक जाने वाली प्रमुख ब्लू लाइन और हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड तथा सॉल्ट लेक सेक्टर-5 के बीच चलने वाली ग्रीन लाइन दोनों को शामिल किया गया है। न सिर्फ ट्रेनों के आने-जाने के वक्त में फेरबदल हुआ है, बल्कि पटरियों पर दौड़ने वाली कुल गाड़ियों की संख्या में भी इजाफा किया गया है।

अब सुबह छह बजे ही मिलेगी पहली मेट्रो

यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह रहती थी कि शुरुआती घंटों में ट्रेनों का अंतराल बहुत ज्यादा होता था या फिर समय थोड़ा लेट था। अब इस समस्या का समाधान निकाल लिया गया है।

ब्लू लाइन पर नजर डालें तो जो ट्रेनें पहले सुबह 6:50 बजे यात्रियों के लिए उपलब्ध होती थीं, वे अब सुबह ठीक 6:00 बजे से ही पटरियों पर दौड़ने लगेंगी। इसी प्रकार, ग्रीन लाइन यानी हावड़ा मैदान से साल्ट लेक सेक्टर पांच के बीच चलने वाली गाड़ियों का समय भी सुबह 6:39 बजे से घटाकर सीधे सुबह 6:00 बजे कर दिया गया है। यानी अब दोनों ही मुख्य लाइनों पर सुबह के वक्त सफर करने वालों को लगभग पचास से पैंतीस मिनट पहले मेट्रो की सुविधा मिल जाएगी।

रात के सफर की समय-सीमा भी बढ़ी

दिनभर की थकान के बाद देर शाम घर लौटने वाले नौकरीपेशा और अन्य लोगों के लिए भी यह बदलाव किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। रात के वक्त सेवा बंद होने के समय को भी आगे खिसकाया गया है।

ब्लू लाइन पर आखिरी ट्रेन अब रात 10:30 बजे तक उपलब्ध होगी, जबकि पहले यह सेवा रात 9:44 बजे ही समाप्त हो जाती थी। कुछ ऐसा ही हाल ग्रीन लाइन का भी है। इस मार्ग पर भी अंतिम मेट्रो रात 10:30 बजे मिलेगी, जो कि पहले रात 10:05 बजे तक ही मिल पाती थी। इसके अलावा, यदि बात रविवार के दिन की करें तो दोनों ही यानी ब्लू और ग्रीन लाइन पर रविवार के रोज मेट्रो सेवाएं सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर रात 10:30 बजे तक अनवरत चलती रहेंगी।

Kolkata Metro: फेरों की संख्या में भी किया गया इजाफा

सिर्फ समय ही नहीं बदला है, बल्कि पटरियों पर दौड़ने वाली कुल गाड़ियों के चक्कर यानी फेरे भी बढ़ाए गए हैं ताकि भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सके।

  • ब्लू लाइन: सोमवार से शुक्रवार के बीच जहां पहले 260 मेट्रो चलाई जाती थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 272 कर दी गई है। इसके अलावा शनिवार को 258 और रविवार के दिन 158 मेट्रो का परिचालन किया जाएगा।
  • ग्रीन लाइन: इस रूट पर भी कार्य दिवस यानी सोमवार से शुक्रवार तक पहले 228 सर्विस हुआ करती थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 236 कर दिया गया है। शनिवार के दिन यहां 212 और रविवार को 111 मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी।

Kolkata Metro: बेहतर प्रबंधन से सुगम होगा सफर

मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि फेरों की यह बढ़ी हुई संख्या व्यस्त समय के दौरान डिब्बों के भीतर होने वाली भारी भीड़भाड़ को कम करने में मददगार साबित होगी। यात्रियों को अब प्लेटफार्म पर ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

शहर के जानकारों का यह भी कहना है कि जैसे-जैसे कोलकाता का विस्तार हो रहा है और उपनगरों से आने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है, वैसे-वैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों का समय पर चलना और अधिक विकल्प देना बहुत जरूरी हो गया था। मेट्रो प्रशासन का यह कदम उसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

अब देखना यह होगा कि 27 जुलाई से जब यह नया टाइमटेबल धरातल पर उतरेगा, तो आम मुसाफिरों को इसका कितना सीधा और सहज लाभ मिल पाता है। फिलहाल, दैनिक यात्रियों के बीच इस बात को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है और लोग इस बदलाव को अपने दैनिक सफर के लिए एक बेहतर शुरुआत मान रहे हैं।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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