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PM Kisan Yojana 23rd Installment Date: यूपी के 16 लाख किसानों को बड़ा झटका, रोक दी गई किस्त, जानें वजह और सुधार का तरीका

PM Kisan Yojana 23rd Installment Date: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम किसान’ की 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के बीच उत्तर प्रदेश से आई एक रिपोर्ट ने खलबली मचा दी है। उत्तर प्रदेश में लगभग 16.56 लाख किसानों की आगामी किस्त पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा डेटा सत्यापन अभियान के दौरान भूमि रिकॉर्ड में कई तरह की गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह रोक स्थायी नहीं है और किसान जरूरी सुधार करके अपनी रुकी हुई राशि वापस पा सकते हैं।

PM Kisan Yojana 23rd Installment Date: 23वीं किस्त पर क्यों लगी रोक? जानिए तीन मुख्य कारण

उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग और केंद्र सरकार की जांच टीमों ने राज्य के किसान डेटाबेस का बारीकी से विश्लेषण किया है। इस जांच में मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में गड़बड़ियां सामने आई हैं। सबसे बड़ी समस्या वरासत यानी उत्तराधिकार से जुड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 11.13 लाख मामले ऐसे हैं जहां जमीन तो उत्तराधिकार के रूप में किसान को मिली है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में पूर्व मालिक का नाम हटाकर वर्तमान लाभार्थी का नाम सही तरीके से अपडेट नहीं किया गया है। इसके चलते सिस्टम उन्हें ‘पात्र’ मानने से इनकार कर रहा है।

दूसरी बड़ी समस्या ‘डबल रजिस्ट्रेशन’ यानी एक ही भूमि पर दोहरी दावेदारी की है। राज्य में लगभग 2.62 लाख मामले ऐसे पाए गए हैं जहां एक ही खसरा या खाता नंबर पर दो अलग-अलग व्यक्तियों ने पंजीकरण करा रखा है। धोखाधड़ी और दोहरा भुगतान रोकने के लिए विभाग ने ऐसे खातों को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा, करीब 2.80 लाख किसान ऐसे हैं जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी, लेकिन उन्होंने पोर्टल पर अपनी जमीन का पूरा और सही विवरण अपलोड नहीं किया। इन सभी तकनीकी और दस्तावेजी कमियों की वजह से इन 16 लाख से अधिक किसानों की 23वीं किस्त अधर में लटक गई है।

कब आएगी पीएम किसान की 23वीं किस्त?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल किसानों को 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। अब तक सरकार 22 किस्तें सफलतापूर्वक जारी कर चुकी है। पिछले रुझानों और योजना के नियमानुसार, प्रत्येक किस्त चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 23वीं किस्त जून या जुलाई 2026 के दौरान किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक किसी निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन विभाग स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर नजर बनाए रखें और किसी भी अनाधिकृत स्रोत से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा न करें।

रुकी हुई किस्त पाने के लिए क्या करें किसान?

जिन किसानों का नाम रोक दी गई सूची में शामिल है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने सुधार के लिए डिजिटल द्वार खोल दिए हैं। सबसे पहले किसानों को पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी ‘बेनेफिशरी स्टेटस’ चेक करनी चाहिए। यदि वहां लैंड सीडिंग (Land Seeding) ‘No’ दिखा रहा है या अन्य कोई त्रुटि है, तो उसे तुरंत ठीक करना होगा।

सुधार के लिए ‘अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन’ (Update Missing Information) विकल्प का चुनाव करें और अपनी नई खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की स्पष्ट प्रति अपलोड करें। यह प्रक्रिया किसान स्वयं अपने मोबाइल से या नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा, वरासत के मामलों में किसानों को अपने क्षेत्र के लेखपाल या तहसील कार्यालय से संपर्क कर राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाना अनिवार्य है। सरकार ने सख्त चेतावनी दी है कि दस्तावेज स्पष्ट और वैध होने चाहिए, अन्यथा आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और दोबारा मौका मिलना मुश्किल होगा।

PM Kisan Yojana 23rd Installment Date, सरकार का लक्ष्य: पारदर्शिता और सही लाभार्थी का चयन

सरकार का यह कदम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला स्तर पर विशेष शिविर और अभियान चलाकर इन 16 लाख किसानों की मदद करने का निर्देश दिया है। सरकार चाहती है कि 23वीं किस्त जारी होने से पहले अधिक से अधिक पात्र किसानों का डेटा शुद्ध हो जाए। डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत अब जमीन के रिकॉर्ड को सीधा पीएम किसान पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी वरासत या खाता संबंधी समस्याएं पैदा ही न हों।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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