PM Modi 7 Appeals: दुनिया में बढ़ते तनाव और तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2026 में देशवासियों से सात अहम अपीलें की हैं। इन अपीलों में उन्होंने घर से काम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने, सोना न खरीदने और स्वदेशी सामान को बढ़ावा देने जैसी बातें कही हैं। पीएम की यह अपील देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विदेशी मुद्रा बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। खास बात यह है कि इस अपील के कुछ ही घंटों बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एक्शन में आ गए। किसी ने मेट्रो पकड़ी तो किसी ने अपना सरकारी काफिला आधा कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश से क्यों की ये खास अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि आज दुनिया में हालात बदल रहे हैं। तेल महंगा हो रहा है, आयात का बिल बढ़ रहा है और इस सबका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में हर नागरिक अगर थोड़ा-थोड़ा योगदान दे तो देश की स्थिति और मजबूत हो सकती है। उन्होंने सात बिंदुओं पर बात करते हुए देशवासियों से अपील की।
पहली बात, जहां भी संभव हो घर से काम करें और ऑनलाइन बैठकें करें ताकि पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो। दूसरी बात, निजी गाड़ी की जगह मेट्रो, बस या कारपूलिंग को अपनाएं। तीसरी और सबसे चर्चित अपील यह रही कि कम से कम एक साल तक सोना खरीदना टाल दें क्योंकि भारत में सोना बाहर से आता है और इससे करोड़ों रुपये विदेश चले जाते हैं। चौथी बात, घर में खाना पकाने के तेल की बर्बादी रोकें क्योंकि यह भी बड़ी मात्रा में आयात होता है। पाँचवीं अपील किसानों के लिए थी कि रासायनिक खाद छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाएं। छठी बात, विदेशी ब्रांड के बजाय भारत में बना सामान खरीदें यानी वोकल फॉर लोकल को सच में जीएं। सातवीं और आखिरी अपील यह रही कि बिना जरूरत के विदेश यात्राएं एक साल तक टाल दें ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर बोझ न पड़े।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिया सबसे पहला और सबसे सख्त फैसला

पीएम मोदी की अपील सुनते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में तुरंत बड़े फैसले किए। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में अब हर हफ्ते दो दिन कर्मचारी घर से काम करेंगे। इसके साथ ही आधी से ज्यादा सरकारी बैठकें वीडियो कॉल के जरिए होंगी। सरकारी गाड़ियों का पेट्रोल कोटा 20 फीसदी काट दिया गया है और अगले छह महीने तक कोई नई सरकारी गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी।
रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से भी सीधे अपील करते हुए कहा कि मेट्रो और बस अपनाएं, कारपूलिंग करें और ऊर्जा बचाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के वक्त में ऊर्जा की बचत करना देश की सबसे बड़ी सेवा है। उनका यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि दिल्ली देश की राजधानी है और यहाँ का हर फैसला पूरे देश को संदेश देता है।
कपिल मिश्रा ने सरकारी गाड़ी छोड़ मेट्रो पकड़ी, वीडियो हुआ वायरल

दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पीएम मोदी की अपील को जमीन पर उतारते हुए अपनी सरकारी गाड़ी में बैठने की बजाय मेट्रो से सफर किया। उन्होंने इस सफर का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जो देखते ही देखते वायरल हो गया। कपिल मिश्रा ने कहा कि जब तक जरूरी न हो, वे सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उनके लिए अब पहली पसंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा। उनके इस कदम की लोगों ने खूब तारीफ की और कई लोगों ने कहा कि नेता जब खुद उदाहरण देते हैं तो लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मेट्रो के बाद ई-रिक्शा से तय किया सरकारी दौरा

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूलों के दौरे पर निकलते वक्त पीएम की अपील को याद रखा और मेट्रो से यात्रा की। मेट्रो उतरने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा लिया। उनका यह कदम सिर्फ ईंधन बचाने का नहीं था बल्कि इसने इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा दिया। आशीष सूद का यह सादा सफर इसलिए भी अलग है क्योंकि एक मंत्री के लिए ई-रिक्शा से जाना आम बात नहीं है। उनके इस कदम ने यह साफ कर दिया कि नेता सिर्फ भाषण नहीं दे रहे, खुद भी वही कर रहे हैं जो वे लोगों से करने को कह रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ का बड़ा आदेश, यूपी में 50 फीसदी कम हुए सरकारी काफिले

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और असरदार कदम उठाया। उन्होंने राज्य के सभी मंत्रियों और बड़े अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि हर हफ्ते कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना जरूरी है। इससे भी बड़ी बात यह है कि सरकारी काफिलों में गाड़ियों की संख्या 50 फीसदी तक घटा दी गई है।
इतना ही नहीं, योगी सरकार ने यह भी तय किया कि बिना ठोस वजह के कोई सरकारी विदेश यात्रा नहीं होगी और सरकारी दफ्तरों में भी जहाँ हो सके वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की जनता से भी अपील करते हुए कहा कि सोने की खरीदारी कुछ समय के लिए रोकें और ईंधन बचाने की आदत डालें। यूपी जैसे बड़े राज्य में यह फैसला बेहद असरदार साबित हो सकता है।
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी कसी कमर, काफिले किए छोटे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस राष्ट्रीय मुहिम में पीछे नहीं रहे। उन्होंने अपने सरकारी काफिले की गाड़ियाँ कम कीं और राज्य के लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की बात कही। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य स्तर पर ईंधन की खपत घटाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सरकारी विभागों को यह भी कहा कि जहाँ जरूरी न हो वहाँ ऑनलाइन बैठकें करें ताकि अनावश्यक आवागमन से बचा जा सके। मोहन यादव का यह कदम मध्य प्रदेश में ऊर्जा बचत की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई में मेट्रो से किया सफर

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई में पीएम मोदी की अपील पर अमल करते हुए मेट्रो से यात्रा की। उन्होंने विधान भवन से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी बीकेसी तक का पूरा सफर मेट्रो में बिताया। अठावले ने इस दौरान कहा कि पीएम मोदी की यह अपील सिर्फ एक सुझाव नहीं है, यह देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मेट्रो से किया यह छोटा सफर देश के लिए एक बड़ा संदेश है। महाराष्ट्र की जनता के लिए एक केंद्रीय मंत्री का इस तरह मेट्रो में सफर करना एक प्रेरणादायक पल रहा।
PM Modi 7 Appeals: देश की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा इन कदमों का असर
इन सभी कदमों को आर्थिक नजरिए से भी देखना जरूरी है। भारत हर साल करोड़ों डॉलर का कच्चा तेल बाहर से खरीदता है। सोने का आयात भी हर साल भारी-भरकम होता है। खाद्य तेल भी बड़ी मात्रा में बाहर से आता है। जब इन तीनों पर खर्च घटता है तो देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होता है। रुपया स्थिर रहता है और महंगाई भी काबू में रहती है। पीएम मोदी की ये अपीलें सीधे इन्हीं बिंदुओं पर निशाना साधती हैं। जानकारों का कहना है कि अगर देश के 140 करोड़ लोग इनमें से कुछ भी अपना लें तो देश की आर्थिक स्थिति पर बहुत सकारात्मक असर पड़ेगा।
PM Modi 7 Appeals: आप भी बन सकते हैं इस बदलाव का हिस्सा
यह अपील सिर्फ नेताओं के लिए नहीं है। हर आम आदमी इस देशहित की मुहिम में शामिल हो सकता है। दफ्तर जाते वक्त कारपूलिंग करें या मेट्रो लें। घर में खाने का तेल जरूरत से ज्यादा न जलाएं। शादी-ब्याह में सोने के तोहफे की जगह कुछ और दें। भारत में बने सामान को तरजीह दें। और अगर कोई विदेश यात्रा बहुत जरूरी नहीं है तो उसे टाल दें। ये छोटी-छोटी आदतें मिलकर एक बड़ा बदलाव लाती हैं। यही असली देशभक्ति है।
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