Top 5 This Week

Related Posts

हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं’ – PoJK में बगावत

इस्लामाबाद | पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर यानी PoJK में हालात बेकाबू हो गए हैं। आटा और बिजली जैसी बुनियादी चीजों के लिए संघर्ष कर रही जनता ने अब पाकिस्तान का हिस्सा रहने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सरेआम ऐलान किया है कि ‘हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं’।

रावलाकोट से उठी बगावत की चिंगारी:

PoJK के रावलाकोट स्थित ईदगाह ग्राउंड में चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मंच से PoJK के स्थानीय नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तानी हुकूमत को ललकारते हुए कहा, ‘हमें तुम्हारे राशन की कोई जरूरत नहीं है। सच तो ये है कि तुम्हें हमारी जरूरत है’।

उन्होंने इस्लामाबाद की शहबाज सरकार को खुली चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने PoJK में खाने-पीने के सामान और राशन की सप्लाई रोकना जारी रखा, तो यहां के लोग जिंदा रहने के लिए ‘दूसरे रास्ते’ तलाशने पर मजबूर हो जाएंगे।

क्यों भड़के लोग: आटा-बिजली-सस्ता राशन का संकट

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी हुकूमत जानबूझकर राशन और बुनियादी चीजों की सप्लाई रोककर आम नागरिकों को टॉर्चर कर रही है। सस्ता राशन, बेहतर प्रशासन और बिजली-पानी जैसी जायज मांगों को लेकर PoJK में 2 हफ्ते से आंदोलन चल रहा है।

JAAC बैन के बावजूद आंदोलन तेज:

यह उग्र आंदोलन ‘जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी’ JAAC की अगुवाई में चल रहा है। हैरान करने वाली बात ये है कि इसी महीने पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस संगठन को एंटी-टेररिज्म कानूनों के तहत बैन कर दिया था। इसके बावजूद जनता का हौसला टूटा नहीं बल्कि आंदोलन और तेज हो गया है।

JAAC के सदस्यों और सरदार अमान खान जैसे एक्टिविस्ट्स पर जबरन आतंकवाद विरोधी धाराएं थोप दी गई हैं, ताकि उन्हें गिरफ्तार कर आंदोलन को कुचला जा सके।

रक्षा मंत्री के बयान ने डाला आग में घी:

इस आग में घी डालने का काम पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने किया। उन्होंने हाल ही में कहा कि रावलाकोट और मीरपुर के रहने वाले लोग ‘असली कश्मीरी’ नहीं हैं। इस बयान के बाद पूरे PoJK में भूचाल आ गया और इस्लामाबाद के खिलाफ नफरत और बढ़ गई।

दमन की कोशिश: इंटरनेट बंद, 22 की मौत

दुनिया को इस दमन की भनक न लगे, इसके लिए जून की शुरुआत से ही PoJK के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर ताला लगा दिया गया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 2 हफ्तों से प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच टकराव में कम से कम 22 लोगों की जान जा चुकी है।

आरोप है कि जनरल असीम मुनीर के आदेश पर सेना ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाईं। पूरे इलाके में भोजन और जरूरी दवाओं की भारी कमी हो गई है। पाकिस्तान सरकार आंदोलन को ‘सुरक्षा खतरा’ बताकर बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

आगे क्या:

हालात पल-पल बिगड़ते जा रहे हैं। PoJK की जनता अब पाकिस्तान के चंगुल से पूरी तरह आजाद होने के मूड में दिख रही है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर राशन की पाबंदियां तुरंत नहीं हटाई गईं, तो वे जिंदा रहने के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

स्रोत: स्थानीय प्रदर्शनकारी / मीडिया रिपोर्ट्स

newsmedia kiran.com
Author: newsmedia kiran.com

Welcome to News Media Kiran, your premier source for global news. Stay updated daily with the latest in sports, politics, entertainment, and more. Experience comprehensive coverage of diverse categories, keeping you informed and engaged.

newsmedia kiran.com
newsmedia kiran.comhttps://newsmediakiran.com/
Welcome to News Media Kiran, your premier source for global news. Stay updated daily with the latest in sports, politics, entertainment, and more. Experience comprehensive coverage of diverse categories, keeping you informed and engaged.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles