Simla, 27 जुलाई 2026, हिमाचल प्रदेश के प्राथमिक शिक्षकों के लिए रविवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित प्राथमिक शिक्षक संघ की आमसभा को संबोधित करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। सबसे बड़ा एलान ये रहा कि *शिक्षक दिवस 5 सितंबर* से पहले विवादित नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
सीएम ने साफ कहा कि सरकार इस व्यवस्था की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी और अगर जरूरत पड़ी तो इसमें सुधार किया जाएगा या इसे वापस भी लिया जा सकता है।
नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली: क्या है विवाद?
पिछली सरकार के समय लागू की गई नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली को लेकर प्राथमिक शिक्षक लंबे समय से विरोध कर रहे थे। शिक्षकों का आरोप था कि इस प्रणाली से उनके काम का बोझ बढ़ गया है और प्रशासनिक अधिकार भी कम हुए हैं। संघ ने कई बार सरकार से इसे रद्द करने की मांग की थी।
चौड़ा मैदान की सभा में सीएम सुक्खू ने कहा, “सरकार और शिक्षक संघ के बीच होने वाली अगली बैठक में इस मुद्दे पर निष्पक्ष और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। शिक्षकों की समस्याओं को हम गंभीरता से लेते हैं।”

शिक्षकों को 5 बड़ी राहतें
मुख्यमंत्री ने एक साथ 5 बड़ी घोषणाएं कर शिक्षकों को राहत दी:
1. निलंबन, विभागीय जांच और FIR वापस होंगी
सीएम ने घोषणा की कि आंदोलन के दौरान प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई, विभागीय जांच और दर्ज की गई FIR को वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार दमन की नीति में विश्वास नहीं रखती।
2. JBT शिक्षकों को TGT पदोन्नति
सबसे बड़ी मांग पर फैसला सुनाते हुए सीएम ने कहा कि राज्य सरकार JBT शिक्षकों को TGT पदों पर पदोन्नति* देगी। इससे हजारों JBT शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा और उनका करियर आगे बढ़ेगा।
3. स्कूलों में खेल गतिविधियां फिर शुरू
कोरोना के बाद बंद हुई प्राथमिक विद्यालयों की खेल गतिविधियों को फिर से शुरू करने का एलान किया गया। सीएम ने कहा कि शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल जरूरी हैं।
4. प्रशासनिक अधिकारों में कटौती नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्य अध्यापकों, केंद्र मुख्य अध्यापकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के अधिकारों में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। इससे फील्ड स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों को राहत मिली है।
5. शिक्षा सुधार में शिक्षकों की भागीदारी
सीएम ने शिक्षकों से अपील की कि वे सरकार के साथ मिलकर प्राथमिक विद्यालयों को राज्य के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी प्राथमिकता है।
अंग्रेजी माध्यम और CBSE स्कूलों पर अपडेट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई पहले ही शुरू की जा चुकी है। इस कदम की उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए तारीफ की।
CBSE स्कूलों के बारे में उन्होंने बताया कि प्रदेश में खोले गए CBSE विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। साथ ही इन स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर बेहतर बनाया जाए।
OPS बहाली का फिर किया जिक्र
सभा में मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए OPS बहाल की थी।
NPS के तहत कर्मचारियों को बहुत कम पेंशन मिल रही थी। कई रिटायर्ड कर्मचारियों को 1000-2000 रुपये ही मिलते थे। OPS लागू होने के बाद अब उन्हें सम्मानजनक पेंशन मिल रही है। ये फैसला हमने कर्मचारियों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा के लिए लिया था, सीएम ने कहा।
भाजपा पर साधा निशाना
अपने संबोधन में सीएम सुक्खू ने पिछली भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार प्रदेश पर भारी आर्थिक बोझ और कर्ज छोड़ गई है।
राज्य सरकार हिमाचल के अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। इस समय सभी को राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करना होगा, उन्होंने कहा।
शिक्षक संघ ने जताया आभार
प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के एलानों का स्वागत किया। संघ ने कहा कि निलंबन और FIR वापस लेने और JBT को TGT पदोन्नति देने के फैसले से शिक्षकों में खुशी की लहर है। अब सभी की नजरें 5 सितंबर से पहले होने वाले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
आगे क्या?
सरकार और शिक्षक संघ के बीच अगले महीने सचिवालय में एक और बैठक होगी। उस बैठक में नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली के भविष्य का फैसला लिया जाएगा। साथ ही JBT से TGT पदोन्नति की प्रक्रिया को भी जल्द शुरू करने की बात कही गई है।
NewsMediaKiran का विश्लेषण: सीएम के ये एलान शिक्षक वर्ग को साधने की कोशिश के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भी संकेत हैं। 5 सितंबर से पहले होने वाला फैसला हिमाचल की शिक्षा नीति की दिशा तय करेगा।
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