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Hub and Spoke in India: छोटे शहरों से विदेश जाना होगा आसान, सरकार बना रही 4 हब और 40 एयरपोर्ट का नेटवर्क

Hub and Spoke in India: अब छोटे और मध्यम शहरों से विदेश जाना पहले से कहीं आसान होने वाला है। सरकार देश में चार हब एयरपोर्ट और 40 अन्य एयरपोर्ट विकसित कर कुल 44 एयरपोर्ट का ऐसा नेटवर्क तैयार करने की तैयारी में है जिससे अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर सुगम हो सके। इस मॉडल का मकसद टियर-2 और टियर-3 शहरों के यात्रियों को बिना ज्यादा परेशानी के अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ना है।

क्या है हब एंड स्पोक मॉडल?

इस मॉडल में बड़े एयरपोर्ट हब की तरह काम करेंगे जबकि दूसरे शहरों के एयरपोर्ट स्पोक होंगे। यानी अगर कोई यात्री अमृतसर जैसे शहर से विदेश जाना चाहता है तो वह पहले दिल्ली पहुंचेगा और वहां से अपनी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट पकड़ सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे छोटे शहरों के लोगों को विदेश यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। लंबे समय तक बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित रही अंतरराष्ट्रीय सुविधा अब छोटे शहरों तक पहुंचेगी।

यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

एयर इंडिया ने इस मॉडल के तहत ईजी कनेक्ट यानी आसान कनेक्ट सेवा शुरू की है। इसके जरिए यात्रियों को सफर के दौरान कई सुविधाएं मिलेंगी। सामान यानी बैगेज सिर्फ एक बार जमा करना होगा। अंतिम विदेशी गंतव्य तक एक ही चेक-इन होगा। इमिग्रेशन की प्रक्रिया अमृतसर एयरपोर्ट पर ही पूरी हो जाएगी। दिल्ली पहुंचने के बाद दोबारा बैगेज लेने या टर्मिनल बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर अंतरराष्ट्रीय उड़ान से आगे की यात्रा की जा सकेगी।

अमृतसर से किन देशों के लिए कनेक्टिविटी

एयर इंडिया ने बताया कि अमृतसर से शुरू हुई दो दैनिक ईजी कनेक्ट उड़ानों के जरिए यात्री दिल्ली होते हुए 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे। इनमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप के कई शहर, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया शामिल हैं। आने वाले हफ्तों में अहमदाबाद, गोवा, कोच्चि और अन्य भारतीय शहरों से भी इसी तरह की उड़ानें शुरू की जाएंगी।

सरकार की आगे की योजना

अमृतसर एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार चार हब और 40 अन्य एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश में कहा कि हब एंड स्पोक मॉडल भारत के लिए केवल नई उड़ान व्यवस्था नहीं बल्कि देश की विमानन क्षमता को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि सरकार अगले 10 वर्षों में 100 एयरपोर्ट और 200 हेलिपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

छोटे शहरों के लिए महत्व

अभी तक छोटे शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए पहले किसी बड़े शहर पहुंचना पड़ता था। वहां अलग से चेक-इन, बैगेज हैंडलिंग और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाती थी। नए मॉडल में ये सुविधाएं स्पोक एयरपोर्ट पर ही उपलब्ध होंगी जिससे यात्रा सहज बनेगी। व्यापारियों, छात्रों और परिवारों को विदेश जाने में आसानी होगी।

एयर इंडिया की भूमिका

एयर इंडिया इस मॉडल को लागू करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। ईजी कनेक्ट सेवा से यात्री अनुभव बेहतर होगा। सिंगल चेक-इन और सिंगल बैगेज ड्रॉप जैसी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब ले जाएंगी। दिल्ली जैसे हब पर कनेक्टिंग समय चार घंटे के अंदर रखने से यात्रियों को इंतजार भी कम करना पड़ेगा।

विमानन क्षेत्र पर असर

यह कदम भारतीय विमानन क्षेत्र को नई दिशा दे सकता है। छोटे शहरों से यात्री संख्या बढ़ने से क्षेत्रीय एयरपोर्ट की उपयोगिता बढ़ेगी। हब एयरपोर्ट पर ट्रैफिक संतुलित रहेगा। कुल मिलाकर देश की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी। पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

चुनौतियां और समाधान

सफल क्रियान्वयन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार रखना होगा। स्पोक एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन और कस्टम सुविधाएं विकसित करनी होंगी। समय पर कनेक्टिंग फ्लाइट सुनिश्चित करनी होंगी। सरकार और एयरलाइंस मिलकर इन चुनौतियों का समाधान निकाल रही हैं। यात्री सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।

यात्रियों के लिए सुझाव

जो लोग छोटे शहरों से विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं वे एयरलाइंस की वेबसाइट या ऐप पर ईजी कनेक्ट विकल्प चेक करें। बुकिंग करते समय कनेक्टिंग समय और सुविधाओं की जानकारी जरूर लें। दस्तावेज पहले से तैयार रखें क्योंकि इमिग्रेशन स्पोक एयरपोर्ट पर ही होगा।

दीर्घकालिक लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले दशक में 100 एयरपोर्ट और 200 हेलिपोर्ट विकसित करना है। इससे दूर-दराज के इलाकों तक हवाई सेवा पहुंचेगी। हब एंड स्पोक मॉडल इसी बड़े विजन का हिस्सा है। छोटे शहरों को मुख्यधारा से जोड़ने का यह महत्वपूर्ण प्रयास है।

अब छोटे शहरों से विदेश जाना आसान बनाने के लिए सरकार चार हब और 40 अन्य एयरपोर्ट का नेटवर्क तैयार कर रही है। हब एंड स्पोक मॉडल के तहत अमृतसर जैसे शहरों से दिल्ली होते हुए 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच संभव होगी। एयर इंडिया की ईजी कनेक्ट सेवा से सिंगल चेक-इन, एक बार बैगेज ड्रॉप और लोकल इमिग्रेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। अहमदाबाद, गोवा और कोच्चि से भी जल्द ऐसी उड़ानें शुरू होंगी। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि यह मॉडल देश की विमानन क्षमता मजबूत करेगा। अगले 10 वर्षों में 100 एयरपोर्ट और 200 हेलिपोर्ट का लक्ष्य रखा गया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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