Kal Ka Mausam 30 July: देश भर में मानसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर चुका है, जिसके चलते मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD की ताजा चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ घंटों के भीतर देश के 14 प्रमुख राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। इस दौरान कई संवेदनशील इलाकों में 40 से लेकर 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस अचानक और बड़े बदलाव को देखते हुए संबंधित राज्य प्रशासनों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
Kal Ka Mausam 30 July: इन 14 राज्यों में जारी किया गया भारी बारिश का हाई अलर्ट
मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, जिन 14 राज्यों में भारी बारिश का रेड और येलो अलर्ट जारी किया गया है उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और असम शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात, ओडिशा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को भी इस मानसूनी कहर की चपेट में रखा गया है। इन तमाम राज्यों के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई जगहों पर नदियां उफान पर हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि सक्रिय मानसूनी ट्रफ और वायुमंडलीय हलचलों के कारण आने वाले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और भारी वर्षा का यह सिलसिला बदस्तूर जारी रहेगा।
उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में मौसम का आक्रामक मिजाज
पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अपने चरम पर हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रुद्रप्रयाग और केदारनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन ने विशेष ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन समेत कई जिलों में अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी जारी की है। उधर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी आसमान बादलों से घिरा हुआ है और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी झमाझम बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
मध्य और पश्चिमी भारत में तेज हवाओं के साथ झमाझम वर्षा
मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे बड़े राज्यों में भी मौसम की बेरुखी साफ तौर पर देखने को मिल रही है, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम, हरदा, देवास और धार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है और कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 61 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दूसरी तरफ गुजरात के डांग, तापी और नर्मदा जिलों में भी बादलों का डेरा है और कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के इस अनोखे मेल से पश्चिम भारत के इन इलाकों में उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं के कारण यातायात और जनजीवन बाधित हुआ है।
Kal Ka Mausam 30 July: पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मानसूनी सक्रियता
पूर्वोत्तर राज्य असम में बारिश ने पहले से ही तबाही मचा रखी है और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। तिनसुकिया, सोनितपुर और डिब्रूगढ़ समेत कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। इसके विपरीत दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है और नीलगिरि, कोयंबटूर तथा थेनी जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। तटीय इलाकों में बनने वाले कमजोर ट्रफ के कारण दक्षिण के इन राज्यों में समुद्री हवाओं का प्रभाव तेज हो गया है, जिससे तटीय और अंदरूनी हिस्सों में मध्यम से भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है।
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