NewDelhi 28 जुलाई 2026 आज देश केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ का 87वां स्थापना दिवस मना रहा है। 27 जुलाई 1939 को “क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस” के नाम से शुरू हुए इस बल को आजादी के बाद “केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल” का नाम मिला। आज सीआरपीएफ दुनिया का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है और देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ बना हुआ है।
सेवा और निष्ठा” का दूसरा नाम सीआरपीएफ
सीआरपीएफ के जवानों ने हर मोर्चे पर अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है। चाहे सीमा की सुरक्षा हो, आतंकवाद से लड़ाई हो या प्राकृतिक आपदा में लोगों की मदद सीआरपीएफ ने हमेशा “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत को अपनाया है।

माओवाद के खात्मे में निर्णायक भूमिका
सीआरपीएफ की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है माओवाद के खिलाफ अभियान। छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल के जंगलों में सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो ने नक्सलियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चलाए हैं।
महिलाओं की भागीदारी और आधुनिकीकरण
आज सीआरपीएफ में महिला बटालियन भी है। 88 महिला बटालियन की जवान कश्मीर से लेकर नक्सल इलाकों तक ड्यूटी कर रही हैं। ड्रोन, आधुनिक हथियार और नई तकनीक से सीआरपीएफ को और मजबूत किया जा रहा है।

स्थापना दिवस पर संदेश
स्थापना दिवस पर गृह मंत्री ने कहा, “सीआरपीएफ ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। आपदा के समय आप लोगों के लिए देवदूत बनते हैं और युद्ध के समय दुश्मनों के लिए काल।”
newsmediakiran.com देश के इन वीर जवानों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता है । जय हिंद!


