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Delhi Travel: सिर्फ 48 घंटे में घूमें पूरी दिल्ली, जानें परफेक्ट 2-दिन का ट्रैवल प्लान

Delhi Travel: दिल्ली सिर्फ भारत की राजधानी भर नहीं है, यह एक ऐसा शहर है जहां हर कुछ किलोमीटर पर इतिहास और आधुनिकता का अलग ही रंग दिखता है। कहीं सदियों पुरानी इमारतें अतीत की कहानी सुनाती हैं, तो कहीं चौड़ी सड़कें, मॉल और कैफे शहर के मॉडर्न चेहरे को दिखाते हैं। अगर सिर्फ दो दिन के लिए दिल्ली आने का प्लान बन रहा है, तो थोड़ी सी सही प्लानिंग से इतिहास, स्वाद, शॉपिंग और नाइटलाइफ, सब कुछ इन 48 घंटों में समेटा जा सकता है।

Delhi Travel: दिल्ली पहुंचते ही करें होटल में चेक-इन

दिल्ली पहुंचने के बाद सबसे पहला काम होटल में चेक-इन करना होता है। हर बजट के हिसाब से यहां ठहरने के विकल्प मौजूद हैं बड़े लग्जरी होटल भी हैं और कम बजट में अच्छे गेस्ट हाउस भी आसानी से मिल जाते हैं। अगर सुबह जल्दी पहुंचने का प्लान है, तो बुकिंग के समय ही अर्ली चेक-इन के बारे में होटल से बात कर लेना बेहतर रहता है।

पहला दिन: इतिहास और स्वाद से शुरुआत

चेक-इन के बाद फ्रेश होकर सुबह जल्दी निकलना सबसे सही रहता है, क्योंकि इस वक्त ट्रैफिक कम रहता है। शुरुआत राष्ट्रपति भवन से की जा सकती है, जो नई दिल्ली की सबसे पहचानी जगहों में से एक है और सुबह के वक्त यहां की तस्वीरें भी बेहतर आती हैं।

इसके बाद बारी आती है चांदनी चौक की, जहां का नाश्ता किए बिना दिल्ली की ट्रिप अधूरी मानी जाती है। छोले भटूरे, पराठे, चाट और आलू कचौड़ी जैसी चीजें यहां आसानी से मिल जाती हैं। नाश्ते के बाद जामा मस्जिद और पुराना किला जैसी ऐतिहासिक जगहें देखी जा सकती हैं, साथ ही आसपास के बाजारों में खरीदारी का भी मौका मिलता है।

दोपहर के लिए लाल किला जरूर लिस्ट में होना चाहिए। मुगल बादशाह शाहजहां ने इसे अपनी राजधानी शाहजहानाबाद के किले के तौर पर बनवाया था, और यह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भी शामिल है। अगर समय हो तो शाम को यहां होने वाला साउंड एंड लाइट शो भी देखा जा सकता है, जिसमें मुगल काल की कहानी रोशनी और संगीत के जरिए दिखाई जाती है और जिसकी आवाज अमिताभ बच्चन ने दी है।

लाल किले से करीब 15 मिनट की दूरी पर कनॉट प्लेस है, जहां लंच के साथ-साथ शॉपिंग भी की जा सकती है। ब्रांडेड सामान के लिए यहां कई बड़े स्टोर हैं, जबकि कम बजट में खरीदारी के लिए जनपथ और पालिका बाजार बेहतर विकल्प हैं।

शाम में जंतर-मंतर जाया जा सकता है, जिसे जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने बनवाया था। यहां 13 खगोलीय यंत्र मौजूद हैं, जिनसे कभी सूरज, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति का पता लगाया जाता था। सम्राट यंत्र, मिश्र यंत्र और जयप्रकाश यंत्र इनमें सबसे मशहूर हैं। हालांकि यहां जाने से पहले मौजूदा हालात के बारे में जानकारी ले लेना बेहतर रहता है।

इसके बाद कुछ सुकून भरे पल लोधी गार्डन में बिताए जा सकते हैं, जहां हरियाली के साथ-साथ बड़ा गुंबद, शीशा गुंबद, और मोहम्मद शाह व सिकंदर लोदी के मकबरे जैसी ऐतिहासिक इमारतें भी देखने को मिलती हैं।

रात के वक्त स्ट्रीट शॉपिंग के लिए लाजपत नगर, सरोजिनी नगर और साउथ एक्स जैसी जगहें बेहतरीन विकल्प हैं। ब्रांडेड शॉपिंग के लिए साउथ एक्स और ट्रेंडी सस्ते कपड़ों के लिए सरोजिनी नगर खासतौर पर जाना जाता है, और यहां स्ट्रीट फूड का भी भरपूर मजा लिया जा सकता है। अगर देर रात कुछ समय बचता है, तो खान मार्केट के कैफे, रेस्टोरेंट और लाउंज में समय बिताया जा सकता है।

Delhi Travel, दूसरा दिन: कुछ और ऐतिहासिक और मॉडर्न जगहें

अगर ट्रिप अगले दिन की सुबह और दोपहर तक बढ़ती है, तो दूसरे दिन की शुरुआत कुतुब मीनार से की जा सकती है। यह दुनिया की सबसे ऊंची ईंटों से बनी मीनार है और यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है। इसके पास कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद है, जिसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया था। यहीं मौजूद है मशहूर लौह स्तंभ, जो करीब 24 फीट ऊंचा और छह टन से ज्यादा वजनी है, और चौथी शताब्दी का माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें कभी जंग नहीं लगती।

कुतुब परिसर में ही अलाई दरवाजा है, जो लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से बना है और जिसे अलाउद्दीन खिलजी ने बनवाया था। पास में अलाई मीनार भी है, जिसे खिलजी कुतुब मीनार से दोगुना ऊंचा बनवाना चाहते थे, लेकिन 1316 में उनकी मौत के चलते इसका निर्माण अधूरा रह गया।

इसके बाद मेहरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क जाया जा सकता है, जहां दिल्ली सल्तनत के शासक गयासुद्दीन बलबन का मकबरा है, साथ ही जमाली-कमाली मस्जिद और एक सूफी संत की दरगाह भी मौजूद है।

दोपहर में हौज खास की सैर की जा सकती है, जो अपने इतिहास और मॉडर्न माहौल दोनों के लिए जाना जाता है। यहां हौज खास लेक के साथ-साथ लोदी काल की मस्जिद और मकबरा है, जबकि हौज खास विलेज अपने कैफे और अलग माहौल के लिए युवाओं में खासा लोकप्रिय है।

इसके बाद लोटस टेंपल देखा जा सकता है, जो कमल के फूल के आकार में बना बहाई धर्म का उपासना स्थल है, जहां किसी भी धर्म का व्यक्ति जा सकता है। इसमें सफेद संगमरमर की 27 पंखुड़ियां और नौ एंट्री गेट हैं, जो करीब 40 मीटर ऊंचे हॉल तक जाते हैं, जहां एक साथ करीब 2,500 लोग बैठ सकते हैं।

शाम को हुमायूं के मकबरे पर जाया जा सकता है, जिसे मुगल सम्राट हुमायूं की याद में उनकी पत्नी हाजी बेगम ने बनवाया था। इसके बाद दिल्ली हाट का रुख किया जा सकता है, जहां देश के अलग-अलग राज्यों के हस्तशिल्प, कपड़े और पारंपरिक चीजें मिलती हैं, साथ ही यहां विभिन्न राज्यों का खाना चखने और कई बार लोक संगीत या सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने का भी मौका मिलता है। ट्रिप का आखिरी पड़ाव इंडिया गेट हो सकता है, जो रात के वक्त रोशनी में जगमगाता हुआ बेहद खूबसूरत नजर आता है।

Delhi Travel: ट्रिप के लिए कुछ जरूरी टिप्स

सुबह जल्दी निकलने से ट्रैफिक से बचा जा सकता है, और मेट्रो का इस्तेमाल समय और पैसे दोनों की बचत करता है। लंबी पैदल यात्रा को देखते हुए आरामदायक फुटवियर पहनना बेहतर रहता है, और गर्मियों में पानी की बॉटल साथ रखना जरूरी है। किसी भी ऐतिहासिक जगह पर जाते समय वहां के नियमों का पालन करना चाहिए, और भीड़भाड़ वाले बाजारों में अपने सामान का खास ध्यान रखना जरूरी है।

दिल्ली पहुंचने के लिए फ्लाइट, ट्रेन, बस और प्राइवेट कार, सभी विकल्प आसानी से उपलब्ध हैं। घूमने के लिए मार्च से अक्टूबर का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इस तरह सही प्लानिंग के साथ महज दो दिनों में दिल्ली के इतिहास, स्वाद, शॉपिंग और नाइटलाइफ का भरपूर अनुभव लिया जा सकता है।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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