EPFO New Portal Launch: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ एक नया डिजिटल पोर्टल तैयार कर रहा है। इसकी मदद से सदस्य आधार के जरिए अपनी पहचान वेरिफाई कर पुराने निष्क्रिय यानी इनऑपरेटिव पीएफ अकाउंट को खोज सकेंगे और उसमें जमा पैसे को ऑनलाइन ट्रांसफर या सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकेंगे। लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सांसद वी.के. श्रीकंदन के सवाल के लिखित जवाब में इस नई सुविधा की जानकारी दी।
EPFO New Portal Launch: नया पोर्टल कैसे काम करेगा?
नया ई-पोर्टल आधार आधारित ऑथेंटिकेशन पर काम करेगा। सदस्य अपनी पहचान ऑनलाइन वेरिफाई कर सकेंगे और बिना ज्यादा कागजी प्रक्रिया के पुराने पीएफ अकाउंट तक पहुंच बना पाएंगे। इस पोर्टल के जरिए सदस्य पुराने निष्क्रिय पीएफ अकाउंट को खोज सकेंगे। उसमें जमा राशि को अपने सक्रिय यूएएन में ट्रांसफर कर सकेंगे। चाहें तो ऑनलाइन सेटलमेंट के लिए भी आवेदन कर सकेंगे।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा उन कर्मचारियों को होगा जिन्होंने कई बार नौकरी बदली। खासकर उस समय जब यूएएन सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं हुआ था और पुराने पीएफ अकाउंट अलग-अलग रह गए। 2014 में यूएएन सिस्टम आने के बाद अकाउंट ट्रांसफर आसान हुआ लेकिन उससे पहले खुले कई अकाउंट आज भी निष्क्रिय या बिना क्लेम के पड़े हैं। देश में आठ करोड़ से ज्यादा ईपीएफ योगदानकर्ता हैं। ऐसे में यह पोर्टल कई लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
कागजी झंझट कैसे कम होगी?
सरकार के मुताबिक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म सिर्फ पुराने अकाउंट खोजने तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें केवाईसी अपडेट के लिए जॉइंट डिक्लेरेशन भी ऑनलाइन जमा की जा सकेगी। हालांकि यह सुविधा जरूरी जांच के बाद ही पूरी होगी। इस व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया कम होगी। ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर घटेंगे। प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी और पुराने पीएफ अकाउंट का निपटारा पहले से आसान और तेज होगा।
क्या हर कोई लाभ उठा सकेगा?
अगर किसी सदस्य को अपने पुराने पीएफ अकाउंट की जानकारी है और वह निष्क्रिय हो चुका है तो नया पोर्टल उसे खोजने और ट्रांसफर करने में मदद करेगा। सरकार ने साफ किया है कि जिन लोगों को अपना पुराना पीएफ अकाउंट नंबर या पहचान संबंधी जानकारी पूरी तरह याद नहीं है उनके लिए फिलहाल कोई नई सुविधा लाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी मूल जानकारी होना जरूरी रहेगा।
कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह अपडेट?
समय के साथ नौकरी बदलने की वजह से कई कर्मचारियों के एक से ज्यादा पीएफ अकाउंट बन गए। पुराने अकाउंट में जमा राशि कई सालों से पड़ी रह जाती है और लोग भूल जाते हैं या प्रक्रिया जटिल होने के कारण क्लेम नहीं करते। आधार आधारित नया पोर्टल डिजिटल तरीके से पुराने पीएफ बैलेंस को मौजूदा यूएएन से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाएगा। इससे रिटायरमेंट बचत का पूरा फायदा मिल सकेगा।
ब्याज जमा होने की भी शुरुआत
इसी बीच ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज सदस्यों के खातों में जमा करना शुरू कर दिया है। कई सब्सक्राइबर्स को ब्याज क्रेडिट होने का एसएमएस भी मिलने लगा है। इससे उनकी रिटायरमेंट बचत में बढ़ोतरी हुई है। नियमित योगदान करने वाले सदस्यों के लिए यह अच्छी खबर है।
प्रक्रिया को और आसान बनाने की दिशा
ईपीएफओ पिछले कुछ सालों से डिजिटलाइजेशन पर जोर दे रहा है। ऑनलाइन क्लेम, यूएएन लिंकिंग और केवाईसी अपडेट जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। नया पोर्टल इन सुविधाओं को और आगे बढ़ाएगा। खासकर उन लोगों के लिए जो पुराने अकाउंट के चक्कर में फंसे हुए हैं। पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
सदस्यों को क्या करना चाहिए?
जिन सदस्यों को पुराने पीएफ अकाउंट की जानकारी है वे अपने दस्तावेज तैयार रखें। आधार कार्ड अपडेट रखें क्योंकि वेरिफिकेशन इसी के जरिए होगा। सक्रिय यूएएन और बैंक खाता भी लिंक होना चाहिए। पोर्टल लॉन्च होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। किसी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट के बहकावे में न आएं।
संभावित चुनौतियां और समाधान
कुछ सदस्यों को पुराना अकाउंट नंबर याद न होने की समस्या हो सकती है। सरकार ने फिलहाल इसके लिए नई सुविधा का प्रस्ताव नहीं रखा है। ऐसे लोगों को पुराने नियोक्ता या ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करना पड़ सकता है। फिर भी डिजिटल पोर्टल आने से अधिकांश मामलों में राहत मिलेगी। जरूरी जांच के बाद ही ट्रांसफर या सेटलमेंट होगा जिससे धोखाधड़ी का खतरा भी कम रहेगा।
रिटायरमेंट प्लानिंग में मदद
पीएफ रिटायरमेंट के बाद की सुरक्षा का बड़ा हिस्सा है। निष्क्रिय अकाउंट में पड़े पैसे का उपयोग न हो पाना कई परिवारों के लिए नुकसानदेह साबित होता है। नया सिस्टम इन पैसों को मुख्य खाते में लाने या निकालने की सुविधा देगा। इससे वित्तीय नियोजन बेहतर हो सकेगा।
आगे की उम्मीद
जल्द लॉन्च होने की उम्मीद है। सरकार डिजिटल इंडिया के तहत ऐसी सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है। ईपीएफओ सदस्यों की संख्या को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण है। सफल क्रियान्वयन से लाखों कर्मचारी लाभान्वित हो सकते हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन नया डिजिटल पोर्टल तैयार कर रहा है जिसकी मदद से सदस्य आधार के जरिए पहचान वेरिफाई कर पुराने निष्क्रिय पीएफ अकाउंट खोज सकेंगे। राशि को सक्रिय यूएएन में ट्रांसफर या ऑनलाइन सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकेंगे। श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में यह जानकारी दी। कागजी प्रक्रिया कम होगी और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। जिन लोगों को पुराना अकाउंट नंबर याद है उन्हें सबसे ज्यादा फायदा होगा। साथ ही ईपीएफओ ने 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज जमा करना शुरू कर दिया है। यह सुविधा नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है।
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