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FMCG Price Hike: हिंदुस्तान यूनिलीवर बढ़ाएगा कीमतें, साबुन-शैंपू-टूथपेस्ट सहित रोजमर्रा की चीजें 5% तक महंगी होंगी

FMCG Price Hike: रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है। दिग्गज एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड सितंबर तिमाही में कई प्रॉडक्ट कैटेगरी में कीमतें 2 से 5 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। कंपनी के टॉप मैनेजमेंट ने मंगलवार को यह बात कही। कंपनी का अनुमान है कि अप्रैल-जून 2026 की तुलना में चालू तिमाही में कीमतों में इतनी बढ़ोतरी हो सकती है।

FMCG Price Hike: किन उत्पादों पर पड़ेगा असर?

हिंदुस्तान यूनिलीवर देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों में से एक है। यह डिटर्जेंट, चाय, कॉफी, फ्लोर क्लीनर, शैंपू, टूथपेस्ट, फेस क्रीम, साबुन, जैम, सूप, हेल्थ ड्रिंक पाउडर और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स जैसी कई चीजें बेचती है। व्हील, बूस्ट, हॉरलिक्स, रेड लेबल, ताज महल, ब्रू, क्लोजअप, क्लिनिक प्लस, डव, हमाम, इंदूलेखा, किसान जैम, नॉर सूप, लक्स, लैक्मे, लाइफबॉय, पॉन्ड्स, पीयर्स, पेप्सोडेंट, रिन, रेक्सॉना, विम, वैसलीन, सनसिल्क और सर्फ एक्सेल इसके प्रमुख ब्रांड हैं। इन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम घरों के बजट पर पड़ेगा।

पहली तिमाही में भी बढ़ी थीं कीमतें

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भी कीमतों में 2 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। हिंदुस्तान यूनिलीवर की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रिया नायर ने तिमाही नतीजों के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि कंपनी मात्रा आधारित बढ़ोतरी को सुरक्षित रखते हुए चालू तिमाही में संतुलित और चरणबद्ध तरीके से कीमत निर्धारण की कार्रवाई जारी रखेगी।

महंगाई के कारण

प्रिया नायर ने कहा कि कुल मिलाकर स्थिति लगातार अस्थिर बनी हुई है। पश्चिम एशिया का संकट हो या मानसून और अल नीनो का प्रभाव, कंपनी इन सभी पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि कंपनी को सितंबर तिमाही में क्रमिक रूप से महंगाई बढ़ने की उम्मीद है। कच्चे माल की लागत में वृद्धि और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कंपनी को कीमतें समायोजित करनी पड़ रही हैं।

मात्रा आधारित वृद्धि पर जोर

सीईओ प्रिया नायर ने जोर देकर कहा कि हिंदुस्तान यूनिलीवर की प्राथमिकता मात्रा आधारित राजस्व वृद्धि ही बनी हुई है। कंपनी वॉल्यूम बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्य वित्त अधिकारी निरंजन गुप्ता ने बताया कि कंपनी ने जून तिमाही में मूल्य निर्धारण के जरिए सिर्फ आधी महंगाई का ही बोझ ग्राहकों पर डाला था। यानी कंपनी ने पूरी लागत वृद्धि को उपभोक्ताओं पर नहीं डाला।

उपभोक्ताओं पर असर

साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट जैसी रोजमर्रा की चीजें हर घर की जरूरत हैं। इनकी कीमतों में 2 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग के परिवारों के मासिक खर्च में मामूली वृद्धि हो सकती है। हालांकि कंपनी चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाएगी इसलिए एक साथ बड़ा झटका नहीं लगेगा।

एफएमसीजी सेक्टर में रुझान

हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा कीमतें बढ़ाने का फैसला पूरे एफएमसीजी सेक्टर में महंगाई के दबाव को दर्शाता है। कच्चे माल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से कई कंपनियां इसी रास्ते पर चल रही हैं। उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में अन्य ब्रांड्स की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

कंपनी का रुख

हिंदुस्तान यूनिलीवर का प्रयास है कि कीमत वृद्धि के बावजूद बिक्री की मात्रा बनी रहे। इसलिए वह संतुलित और चरणबद्ध रणनीति अपना रही है। कंपनी वैश्विक और घरेलू दोनों तरह की अनिश्चितताओं पर नजर रखे हुए है ताकि समय पर सही फैसला ले सके।

हिंदुस्तान यूनिलीवर सितंबर तिमाही में साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट समेत कई रोजमर्रा के उत्पादों की कीमतें 2 से 5 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। कंपनी ने पहली तिमाही में भी इसी दायरे में वृद्धि की थी। सीईओ प्रिया नायर ने कहा कि महंगाई क्रमिक रूप से बढ़ने की उम्मीद है लेकिन मात्रा आधारित वृद्धि कंपनी की प्राथमिकता बनी रहेगी। उपभोक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से कीमत वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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