Patna Tibbi College: बिहार की राजधानी पटना में स्थित सदियों पुराना और ऐतिहासिक राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल जल्द ही एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आने वाला है। अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे कर चुके इस प्रतिष्ठित संस्थान को वर्ष 2027 तक 245.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक नया परिसर मिलने जा रहा है। इस नए परिसर के निर्माण से न केवल कॉलेज का गौरवशाली इतिहास आगे बढ़ेगा, बल्कि अस्पताल की मौजूदा क्षमता 120 बेड से बढ़कर सीधे 200 बेड की हो जाएगी।
हाल ही में आयोजित संस्थान के भव्य शताब्दी समारोह के दौरान इस बात की आधिकारिक घोषणा की गई, जहां नए भवन की मनमोहक रूपरेखा भी प्रदर्शित की गई। इस ऐतिहासिक सौगात के मिलने से प्रदेशभर से यूनानी चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सकेगा।
Patna Tibbi College: शताब्दी समारोह और ऐतिहासिक संस्थान का गौरवशाली सफर
राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल ने हाल ही में अपनी स्थापना के सौ वर्षों का एक लंबा और गौरवशाली सफर पूरा कर लिया है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इस विशेष अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह का भव्य उद्घाटन राज्य के योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल पूरे प्रदेश की एक अमूल्य धरोहर है, जिसे सहेजना और आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान की हर जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार हमेशा हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
समारोह में उपस्थित मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस संस्थान से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा है और यूनानी चिकित्सा पद्धति आज भी आम जनता के बीच उतनी ही लोकप्रिय है।
कम संसाधनों से शुरू हुआ सफर और वर्तमान स्थिति
इस प्रतिष्ठित संस्थान की नींव 28 जुलाई 1926 को रखी गई थी, जिसके बाद से इसने चिकित्सा शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्र में लंबी यात्रा तय की है। शुरुआती दौर में भिखना पहाड़ी क्षेत्र में बने एक छोटे से परिसर में मात्र 10 छात्रों के साथ इस कॉलेज की पढ़ाई शुरू की गई थी। समय के साथ संस्थान का विस्तार होता गया और यह पहले रमना रोड तथा बाद में अंटा घाट परिसर में संचालित हुआ, जिसके बाद वर्तमान में यह कदमकुआं स्थित परिसर में अपनी सेवाएं दे रहा है।
वर्तमान समय में इस कॉलेज के भीतर स्नातक स्तर पर 125 और स्नातकोत्तर स्तर पर 31 सीटों पर हर वर्ष नए छात्रों का नामांकन किया जाता है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन पांच सौ से अधिक मरीज अपनी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं, जिन्हें अनुभवी डॉक्टरों द्वारा परामर्श और दवाइयां दी जाती हैं।
नए परिसर की रूपरेखा और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
वर्तमान कदमकुआं परिसर से इस ऐतिहासिक कॉलेज और अस्पताल को वर्ष 2027 तक पूरी तरह से अगमकुआं स्थित एनएमसीएच परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। एनएमसीएच परिसर के भीतर लगभग 10 एकड़ विशाल भूमि पर 245.5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस नए और भव्य परिसर के तैयार हो जाने के बाद मरीजों को न सिर्फ अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक का लाभ मिलेगा, बल्कि भर्ती होने की क्षमता में भी भारी इजाफा होगा।
अस्पताल के अधीक्षक प्रो. शहनवाज अख्तर ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है, जिसके कारण कई बार बेड की कमी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में ओपीडी के साथ-साथ सभी आवश्यक चिकित्सीय जांच और दवाइयां पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे गरीब मरीजों को बड़ी राहत मिलती है।
Patna Tibbi College: बेड की क्षमता बढ़ने से मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के नए भवन के निर्माण के बाद यहाँ भर्ती होने वाले मरीजों की परेशानियों का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। वर्तमान समय में अस्पताल के पास कुल 120 बेड की क्षमता उपलब्ध है, जो रोजाना आने वाले मरीजों की भारी भीड़ के सामने नाकाफी साबित होती है। कई बार गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भी बेड की अनुपलब्धता के कारण मायूस होकर लौटना पड़ता है या अन्यत्र रेफर करना पड़ता है।
नए परिसर के शुरू होने से अस्पताल की क्षमता में 80 नए बेड सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे, जिससे कुल बेड की संख्या बढ़कर 200 हो जाएगी। इसके बाद प्रदेश के दूरदराज इलाकों से आने वाले रोगियों को बेहतर इलाज के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती होने की पक्की सुविधा भी आसानी से मिल सकेगी। इस विस्तार से यूनानी चिकित्सा शिक्षा ले रहे छात्र-छात्राओं को भी व्यावहारिक प्रशिक्षण के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
Patna Tibbi College: यूनानी चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक प्रतिबद्धता
सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मो. इरशादुल्लाह ने शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय तिब्बी कॉलेज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभाग आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और तकनीक के साथ यूनानी चिकित्सा शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने पर लगातार बल दे रहे हैं।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मो. महफुजूर रहमान ने नए भवन के निर्माण से जुड़ी तकनीकी और संरचनात्मक रूपरेखा को सबके सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि तय समयसीमा यानी वर्ष 2027 तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और संस्थान को नए परिसर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों या मरीजों के इलाज पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े, इसके लिए विशेष प्रशासनिक योजना तैयार की गई है।
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