Home Blog Page 877

मुख्यमंत्री राहत कोष न्यासी पर्षद की 23वीं बैठक संपन्न

*पटना, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में मुख्यमंत्री राहत कोष न्यासी पर्षद की 23वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राहत कोष से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई और मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राहत कोष की भूमिका

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में लोगों की मदद करना है। इसके साथ ही, यह विभिन्न कार्यों में भी लोगों की सहायता करता है, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को काफी लाभ होता है। उन्होंने इस कोष की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण

बैठक के दौरान, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अनुपम कुमार ने बताया कि 10 बाढ़ प्रभावित जिलों में 100 बाढ़ आश्रय स्थलों के निर्माण के लिए अब तक 99 करोड़ 43 लाख 91 हजार 35 रुपये की राशि निर्गत की जा चुकी है। इनमें से 77 बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष बचे आश्रय स्थलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने शेष बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

अनुग्रह अनुदान सहायता

बैठक में राज्य के बाहर विभिन्न दुर्घटनाओं में बिहार के 139 मृतकों के आश्रितों और 61 गंभीर रूप से घायलों को तथा राज्य के अंदर विभिन्न आपदाओं में हुई 156 व्यक्तियों की मृत्यु के कारण मृतकों के परिजनों को अनुग्रह अनुदान सहायता राशि के रूप में कुल 9 करोड़ 32 लाख रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई।

उपस्थित सदस्य

इस बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, पुलिस महानिदेशक श्री आलोक राज, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस प्रकार, मुख्यमंत्री राहत कोष न्यासी पर्षद की यह बैठक आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने हेतु महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

पुस्तक मेला: पहले हीं दिन राज्य के तीन सौ से अधिक रैयतों ने प्राप्त किया राजस्व नक्शा

•बिहार के सभी 38 जिलों का नक्शा उपलब्ध है यहाँ
•रैयत 150 रुपये प्रति शीट के हिसाब से भुगतान कर प्राप्त कर सकते हैं नक्शा
•भुगतान की केवल नकद व्यवस्था है मौजूद

पटना पुस्तक मेला में लगे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल में पहले हीं दिन काफी चहल-पहल रही।स्टॉल पर पूरे बिहार से आये सौ से अधिक रैयतों ने आवेदन कर अपने गाँव/मौजा का नक्शा प्राप्त किया। इससे विभाग को लगभग 50 हजार रूपयों की आय हुई। कई रैयतों ने अपने गाँव के नक्शों की एक से अधिक प्रति के लिये आवेदन किया।
स्टॉल पर आये कई लोगों ने बताया कि अपने गाँव का नक्शा प्राप्त करना हीं उनके मेला घूमने आने का प्रमुख कारण है। विभाग द्वारा राजस्व नक्शों की बिक्री के लिए स्टॉल में 2 काउंटर बनाये गये हैं। सुबह से ही दोनों काउंटर पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। दोनों काउंटर पर सीएस0, आरएस0, चकबंदी एवं म्युनिसिपल सर्वे नक्शा उपलब्ध है। इनकी संख्या 136000.00 के करीब है। मेला घूमने आनेवाला कोई भी रैयत 150 रूपये प्रति शीट के हिसाब से नकद भुगतान करके अपने गांव का नक्शा हासिल कर सकता है। इसके लिये काउंटर पर मिल रहे फॉर्म में अपना डिटेल्स यानि मौजा/ गाँव का नाम,
राजस्व थाना का नाम तथा नंबर, चादर संख्या और जिला का नाम भरना पड़ता है।
पटना के नाथूपुर रोड के रैयत मुद्रिका विश्वकर्मा ने बताया कि आज दिनांक 07.12.2024 को पुस्तक मेला गांधी मैदान में घूमने आने पर देखा कि यहां राजस्व विभाग द्वारा भूमि सर्वे का नक्शा मिल रहा है, तो मैने नक्शा के लिए अप्लाई किया। अप्लाई करने के बाद करीब आधा घंटा के अंदर नक्शा प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि फॉर्म भी अच्छे ढंग से मिल गया और यहां जो कर्मचारी हैं उन्होंने फॉर्म भरने में सहायता की।

इसी तरह अरवल से आने वाले जुगल किशोर शर्मा ने बताया कि मुझे अखबार के द्वारा ज्ञात हुआ यहाँ पुस्तक मेला में राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवायें एवं नक्शा उपलब्ध है तो यहाँ आया हूँ। उन्होंने कहा कि अरवल जिला में हमारे राजस्व गांव के नाम से तीन गांव हैं और तीन ब्लॉक में हैं। इसी कारण से अपेक्षित नक्शा नहीं मिल पा रहा था। यहाँ आने पर मैंने नक्शा आवेदन कर प्राप्त कर लिया। राजस्व विभाग की यह बड़ी अच्छी पहल है मैं इसकी प्रशंसा करता हूं।

रैयत पटना पुस्तक मेला में लगे स्टॉल के अलावा वसुधा केन्द्र और निदेशालय की वेबसाइट www.dlrs.gov.in पर जाकर भी राजस्व नक्शों की डोर स्टेप डिलीवरी सेवा का लाभ उठा सकते हैं और नक्शों को घर बैठे मंगा सकते हैं।

गढ़वा की अदालत ने पूर्व भाकपा माओवादी सदस्य टुनेश उरांव को सुनायी आजीवन कारावास की सजा

गढ़वा: गढ़वा की अदालत ने शनिवार को पूर्व भाकपा माओवादी सदस्य टुनेशजी उर्फ टुनेश उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी और 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. 2008 में उसके खिलाफ भंडरिया थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. यह प्राथमिकी भंडरिया थाने के टेहरी निवासी सह सूचक चंद्रदेव यादव के बयान पर दर्ज की गयी थी. 21 दिसंबर 2008 की रात 10 बजे बरकोल गांव में रमेश पानिक के घर के पास भाकपा माओवादियों ने अशर्फी यादव, विष्णु पानिक एवं रमेश पानिक को पकड़ लिया और तीनों को वहां से उठाकर ले गए. उनके साथ मारपीट भी की. इस दौरान वहां से रमेश पानिक और विष्णु पानिक को मारपीट कर छोड़ दिया गया, जबकि अशर्फी यादव की हत्या कर दी गयी.

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची में देखी फिल्म साबरमती एक्सप्रेस

रांची: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज रांची मॉल में सैंकड़ो भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ साबरमती एक्सप्रेस फिल्म देखी. मौके पर रांची के विधायक सीपी सिंह, वरुण साहू, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, मुकेश मुक्ता, पायल सोनी, रोमित नारायण सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे.

आदित्यपुर: ब्राउन शुगर की तस्करी में तीन महिलाएं गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

आदित्यपुर।आदित्यपुर पुलिस ने विशेष छापेमारी अभियान में ब्राउन शुगर की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 7 लाख रुपये मूल्य की 35.44 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की है। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर आदित्यपुर थाना क्षेत्र के मुस्लिम बस्ती में यह अभियान चलाया गया। इस दौरान तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान एच रोड मुस्लिम बस्ती की रहिमा खातुन उर्फ मोटकी, नाजमुन निशा उर्फ ताजमुन और साहिदा खातुन उर्फ मुन्नू के रूप में हुई है।

पुलिस ने रहिमा खातुन के पास से 20.37 ग्राम ब्राउन शुगर और एक मोबाइल फोन, नाजमुन निशा से 6.36 ग्राम और साहिदा खातुन से 8.71 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। जब्त किए गए सामान में 40 पुड़िया और अलग-अलग पाउच शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में ड्रग तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरफ्तार महिलाओं में से दो पहले भी ड्रग तस्करी के मामलों में संलिप्त रही हैं। रहिमा खातुन चार एनडीपीएस मामलों में अभियुक्त रही है, जबकि नाजमुन निशा पर भी पहले एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ आदित्यपुर थाना कांड संख्या-438/24 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 17(बी)/21(बी)/27(ए) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस अभियान का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर सवैया ने किया, जिसमें आदित्यपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह और उनकी टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने अभियान की सफलता पर टीम की सराहना की और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही। पुलिस की इस सफलता से स्थानीय लोगों में राहत महसूस की जा रही है और उम्मीद की जा रही है कि ड्रग तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन को पोषण सखी दीदियों ने दी बधाई

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचीं पोषण सखी दीदियों ने मुलाकात कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. पिछले कार्यकाल में झारखंड राज्य सरकार द्वारा पोषण सखी के पुनर्बहाल के निर्णय पर हर्ष जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति पोषण सखी दीदियों ने आभार व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया. मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया.

28 महीनों से जेल में बंद निलंबित IAS पूजा सिंघल को मिली बेल

रांची: 28 महीनों से जेल में बंद निलंबित IAS पूजा सिंघल को बड़ी राहत मिली है. उनकी ओर से दायर जमानत याचिका पर शनिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है. पूजा सिंघल ने नये कानून के तहत कस्टडी के आधार पर जेल से रिहा करने की गुहार लगाई थी, जिस पर रांची PMLA (प्रीवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक को यह बताने का निर्देश दिया था कि पूजा सिंघल कब से जेल में हैं और उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि कितनी हुई है. जिसके आलोक में जेल अधीक्षक की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल किया था.

28 महीनों से जेल में बंद है पूजा सिंघल

जानकारी के मुताबिक, पूजा सिंघल लगभग 28 महीनों से जेल में बंद है. पूजा सिंघल के अधिवक्ता के मुताबिक, नये कानून के अनुसार किसी मामले में लंबे समय से जेल में बंद आरोपी की न्यायिक हिरासत की अवधि उक्त मामले में दी जाने वाली सजा की एक तिहाई है, तो उसे बेल दी जा सकती है.

पांकी में मुर्दे भी करते हैं चेक निर्गत, शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल

मृत व्यक्ति के हस्ताक्षर से एमडीएम की 118000 रुपए की निकासी

पलामू।पांकी प्रखंड के स्त्रोन्नत उच्च विद्यालय द्वारिका के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उमेश गुप्ता की मौत हो जाने के बाद भी उनके हस्ताक्षर से 118000 की फर्जी निकासी करने का मामला प्रकाश में आया है।
मामले का खुलासा होने के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनय पांडे ने इस मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए विद्यालय की संयोजिका पम्मी देवी पर राशि निकालने का आरोप लगाया है।
विद्यालय की संयोजिका पम्मी देवी ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं शिक्षक के द्वारा उन पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताते हुए प्रधानाध्यापक विनय पांडे पर कई गंभीर आरोप लगाए।


विद्यालय की संयोजिका पम्मी देवी ने बताया कि प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उमेश गुप्ता की मौत 5 मार्च 2024 को हो गई है, मौत होने के दूसरे दिन ही 6 मार्च को 49000 की निकासी एवं 7 मार्च को ₹20000 की निकासी एवं लगभग 6 महीने के बाद पुणः 30 सितंबर को 49000 की राशि की निकासी की गई है, राशि कैसे निकाली इस संबंध में उन्हें कोई विशेष जानकारी नहीं है, वे सिर्फ हस्ताक्षर करना जानती हैं शिक्षक उनसे हस्ताक्षर लेते थे इसके अलावा विद्यालय के कार्य में उनका कोई योगदान नहीं रहता था,उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रभारी प्रधानाध्यापक के निर्देश पर वे दुकानदारों एवं प्रधानाध्यापक को पैसे निकासी कर देते थे, उन्होंने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि विद्यालय में बच्चों की फर्जी उपस्थिति भी बनाई जाती थी जिसका पैसा शिक्षक को दिया जाता था।
इस संबंध में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनय पांडे ने बताया कि अध्यक्ष के मौत होने की जानकारी लिखित रूप से विभाग को दी गई थी, वह इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
प्रधानाध्यापक के बयान से यह स्पष्ट होता है कि यदि विभाग को अध्यक्ष के मौत होने की सूचना उपलब्ध कराई गई थी तो विभाग द्वारा तत्काल इस पर कोई पहल क्यों नहीं की गई और आखिर लगभग 9 महीने बीतने के बाद ही यह मामला प्रकाश में कैसे आया।
यदि इस मामले की गहनता से जांच की जाए तो मामले जरूर चौंकाने वाले होंगे।
इधर मामले की जानकारी होने के बाद एमडीएम प्रभारी अमृतेश मिश्रा ने बताया कि फर्जी निकासी की जानकारी उन्हें मिली है जांच की जा रही है जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एमडीएम चलाने के बाद ही पैसे का भुगतान किया जाता है दुकानदार आपूर्ति करता को आपूर्ति के बदले भुगतान मिलता है वही प्रखंड में कई ऐसे में कई शिक्षक हैं एमडीएम का संचालन करते हैं एवं अध्यक्ष संयोजिका से अपने नाम पर चेक लेकर भुगतान भी लेते हैं।*

पांकी प्रखंड प्रमुख पंचम प्रसाद ने बताया कि फर्जी निकासी की जानकारी उन्हें मिली है, पैसे की निकासी कैसे हुई यह जांच का विषय है उन्होंने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले में संलिप्प्त दोषियों पर तत्काल कार्यवाई की मांग की है।*

बोकारो: अवैध हथियारों के साथ दो युवक गिरफ्तार

बोकारो। बीएस सिटी थाना क्षेत्र के दुदीबाग भुइयां पट्टी में पुलिस ने छापामारी कर अवैध हथियारों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक लोडेड देशी कट्टा और एक जिंदा गोली बरामद की गई है। गिरफ्तार युवकों की पहचान विकास कुमार (20 वर्ष) और आदित्य कुमार महतो (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दुदीबाग बाजार के निवासी हैं।

घटना का विवरण:
गुरुवार रात करीब 10 बजे, बोकारो पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी को गुप्त सूचना मिली कि दुदीबाग भुइयां पट्टी में कुछ अपराधी अवैध हथियारों के साथ किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक नगर आलोक रंजन के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

छापामारी अभियान:
पुलिस टीम ने दुदीबाग भुइयां पट्टी की एक झोपड़ी में छापा मारा, जहां दोनों आरोपी मौजूद थे। तलाशी के दौरान एक लोडेड देशी कट्टा और एक जिंदा गोली बरामद की गई। पुलिस ने दोनों को तुरंत हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लूटपाट और क्षेत्र में दबदबा बनाने के लिए ये हथियार रखे थे।

छापामारी दल के सदस्य:
इस अभियान में सिटी थाना प्रभारी सुदामा कुमार दास, सेक्टर 4 थाना प्रभारी संजय कुमार, सेक्टर 12 थाना प्रभारी सुभाष चंद्र सिंह, प्रभात कुमार, महती बोयपाय, उमेश कुमार सिंह, सिद्धे सिंह, और इलियास अंसारी शामिल थे।

पुलिस की कार्रवाई जारी:
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है। इस सफलता से क्षेत्र में अपराधियों में दहशत का माहौल है, जबकि स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।

महिला ने रची थी रिटायर्ड BSL कर्मी की हत्या और लूट की घिनौनी साजिश, 2 गिरफ्तार

बोकारो: बोकारो के सेक्टर 12 थाना क्षेत्र में 1 दिसम्बर को 67 वर्षीय रिटायर्ड बीएसएल कर्मी ललन सिंह पर गोली चलाकर उन्हें घायल करने के मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक महिला सहित दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के अनुसार, आरोपियों ने योजना बनाई थी कि वे ललन सिंह की हत्या करेंगे और उनके घर जाकर पैसे लूटेंगे, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो पाई।

ललन सिंह एक मनी लेंडर (money lender) हैं, जो पैसे उधारी पर देते हैं। आरोपियों को शक था कि उनके पास काफी पैसा होगा, इसलिए उन्होंने षड्यंत्र रचकर ललन सिंह को उस जगह बुलाया और गोली चला दी। यह महिला पिछले छह महीने से ललन सिंह के संपर्क में थी। इस घटना को अंजाम देने के लिए आरोपी ने एक दोस्त से मोबाइल फोन उधार लिया था। सेक्टर 12 थाना में मामला संख्या 136/2024 दिनांक 1 दिसम्बर 2024, धारा 118 (2)/109/3(5) BNS एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया। वादी ललन सिंह के बयान पर यह मामला दर्ज किया गया। मामले में आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर इस मामले में शामिल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रोशन कुमार उर्फ देव कुमार (20 वर्ष) शामिल हैं, जिनका स्थायी पता चंद्रपुरा, महाराजगंज, जिला छपरा,

बिहार है, जबकि वर्तमान पता दुंदी बाग झोपड़ी, बीएस सिटी, बोकारो है। दूसरे आरोपी की पहचान पुष्पा उर्फ सुमन देवी (26 वर्ष) के रूप में की गई है, जिनका पता सेक्टर 12/बी, जोड़ा टावर, बोकारो है, जबकि स्थाया पता बेलहट, भागलपुर, बिहार है।रोशन कुमार का एक आपराधिक इतिहास भी है। वह पहले भी एक मामले में शामिल रह चुका है, जिसका मामला संख्या City/48 है, जिसमें धारा 18/302/324/326/34 IPC लगाई गई थी।
पुलिस ने इस मामले से संबंधित कई महत्वपूर्ण सामान ब किए हैं, जिनमें एक देशी पिस्टल और एक गोली (कार सहित) शामिल है। इसके अलावा, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (नंबर: JH 09AJ 8642) और दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।