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सांसद पप्पू यादव को चाहिए था जेड प्लस सुरक्षा,रच डाली साजिश, हुआ खुलासि,सांसद के सहयोगियों का हाथ

बिहार : पूर्णिया से सांसद *पप्पू यादव* को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में यह सामने आया है कि यह धमकी सांसद के करीबी सहयोगियों द्वारा रची गई थी, न कि गैंगस्टर *लॉरेंस बिश्नोई* के द्वारा।

गिरफ्तार आरोपी और साजिश का विवरण

पुलिस ने भोजपुर जिले से एक युवक *रामबाबू राय* को गिरफ्तार किया है, जिसने सांसद पप्पू यादव को धमकी दी थी। पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक *कार्तिकेय शर्मा* ने बताया कि आरोपी ने यह धमकी दी थी कि पप्पू यादव को लॉरेंस बिश्नोई से माफी मांगनी होगी, नहीं तो उनकी हत्या कर दी जाएगी।

पैसे का प्रलोभन और वीडियो शूट

पूछताछ में पता चला कि रामबाबू राय पूर्व में जन अधिकार पार्टी का सदस्य रह चुका है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सांसद पप्पू यादव के साथ उसका एक फोटो भी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी सांसद के करीबी लोगों में से एक था। रामबाबू को वीडियो शूट करने के लिए 2 लाख रुपये का ऑफर दिया गया था, जिसमें से 2 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे।

आगे की कार्रवाई और जांच

पुलिस ने आरोपी के पास से दो वीडियो भी बरामद किए हैं, जो एक महीने पहले ही शूट किए गए थे। ये वीडियो संभावित रूप से समय के अनुसार उपयोग करने के लिए बनाए गए थे। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिनका नाम आरोपी ने लिया है, हालांकि सहयोगियों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

यह मामला इस बात का संकेत देता है कि राजनीतिक सुरक्षा और सुरक्षा तंत्र में आंतरिक साजिशें कितनी गंभीर हो सकती हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

छात्र ने प्रिंसिपल की गोली मारकर की हत्या, मृतक की स्कूटी लेकर मौके से फरार

मध्य प्रदेश : छतरपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र द्वारा कथित तौर पर प्रिंसिपल की सिर में गोली मारकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र मृतक प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने प्रिंसिपल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। एफएसएल की टीम भी घटनास्थल की बारीकी से जांच करने में जुटी हुई है।


बताया जा रहा है कि घटना शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे की है। जानकारी के अनुसार, 12वीं क्लास में पढ़ने वाले एक छात्र ने छतरपुर जिले के धमोरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अंदर प्रिंसिपल पुष्पेंद्र सक्सेना के सिर में उस वक्त गोली मार दी, जब वह स्कूल में बने बाथरूम में गए हुए थे।
स्कूल में ही पढ़ने वाला छात्र भी उनके पीछे से पहुंच गया और उनके सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी छात्र 12वीं क्लास में पढ़ता है और गणित विषय से पढ़ाई कर रहा था। हत्याकांड की असल वजह क्या है फिलहाल इसका पता नहीं लग सका है।पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आरोपी छात्र के पास हथियार कहां से आया और उसने इस वारदात को अंजाम क्यों दिया। फिलहाल आरोपी छात्र फरार है और मौके पर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह एसएसपी अमन मिश्रा मौके पर मौजूद हैं।

गोली की आवाज से दहल गया स्कूल
स्कूल में पढ़ाने वाले अन्य शिक्षकों ने बताया कि अचानक से गोली चलने की आवाज आई तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया। इस पहले कि हम सब कुछ समझ पाते एक छात्र तेजी से दौड़ता हुआ बाथरूम से बाहर निकला। जब हमने अंदर जाकर देखा तो प्रिंसिपल की लाश जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी।
घटना के तुरंत बाद के स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया। पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच करते हुए स्कूल स्टाफ से पूछताछ करने के साथ ही घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। इस खौफनाक घटना से सभी छात्रों और शिक्षकों में दहशत का माहौल है।

झारखंड से बंगाल जा रही सब्जियों की गाड़ियों का ग्रामीणों ने रोका रास्ता

घाटशिला :पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र में डुमकाकोचा गांव के पास ग्रामीणों नेझारखंड से टमाटर, गोभी, बैंगन, धनिया पत्ती और अन्य हरी सब्जियों लेकर बंगाल जा रही गाड़ियों को रोक दिया। यह विरोध पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा झारखंड में आलू की आवक पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने न केवल आलू की आवक पर रोक लगाई है, बल्कि आलू के बीज लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इस कारण वे भी झारखंड की सब्जियों को बंगाल नहीं जाने देंगे। इसके बाद, बंगाल के लतापोड़ा, पुनसा, मधुबन, कुमीरडीह, कोड़पा, जुगीडीह, माकोपाली, बूढ़ीगोड़ा और भोमरागोड़ा जैसे क्षेत्रों के ग्रामीणों ने दुआरसिनी में सड़क जाम कर दिया।

सड़क जाम की स्थिति

इस दौरान सैकड़ों मजदूर और सब्जी विक्रेता घंटों तक जाम में फंसे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे झारखंड में आलू की किल्लत हो गई है, जिसके कारण आलू की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो भविष्य में आलू की कमी के कारण आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

पुलिस की कार्रवाई

गालूडीह थाना प्रभारी कुमार इंद्रेश ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बंगाल के बांदवान थाना प्रभारी मोंताज शेख भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। वार्ता के बाद ही जाम हटाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि छोटे वाहनों में आलू ले जाने की अनुमति है, लेकिन बड़े वाहनों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

निष्कर्ष

ग्रामीणों का मानना है कि पूरे भारत में खाद्य पदार्थों का व्यापार अवरोध मुक्त होना चाहिए और किसी राज्य सरकार द्वारा इस तरह के प्रतिबंध लगाना अवैधानिक है। उनका कहना है कि यह मुक्त व्यापार के खिलाफ है और नागरिकों को प्रताड़ित करने वाला कदम है।

बिहार में बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज: तेजस्वी यादव और दिलीप जायसवाल के बीच बयानबाजी

*बिहार: बिहार में बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की घटना ने राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी है। यह घटना तब हुई जब हजारों अभ्यर्थी 70वीं सिविल सेवा परीक्षा के नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों ने बीपीएससी कार्यालय के बाहर एकत्र होकर अपनी मांगें रखीं, जिसमें नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को समाप्त करने और परीक्षा को एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में आयोजित करने की मांग शामिल थी।

लाठीचार्ज की घटना

प्रदर्शनकारियों ने जब अपनी आवाज उठाई, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए और कुछ को गंभीर चोटें आईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बर्बरता से कार्रवाई की, जबकि वे शांति पूर्वक अपनी बात रख रहे थे।

तेजस्वी यादव का बयान

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे बिहार के लोगों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है और प्रशासनिक असफलताओं का सामना कर रही है। यादव ने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और उनके अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

दिलीप जायसवाल की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, बिहार सरकार के प्रवक्ता दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी यादव की आलोचना करते हुए कहा कि उनका काम केवल लोगों को भड़काना नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव अपने पिता के नाम के सहारे राजनीति में हैं और उनकी शिक्षा और अनुभव पर सवाल उठाए। जायसवाल ने कहा, “विपक्ष का असली काम सरकार को सुझाव देना और जनता के हितों की रक्षा करना है।”

निष्कर्ष

इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीतिक स्थिति को और भी जटिल बना दिया है, जहाँ एक ओर छात्र अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक नेता इस मुद्दे का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों की समस्याओं को लेकर यह विवाद अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है, जिससे आने वाले दिनों में और भी हलचलों की उम्मीद है।

पलामू पुलिस: TSPC के सक्रिय सदस्य जितेंद्र सिंह की गिरफ्तारी,

पलामू: पलामू पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के एक सक्रिय सदस्य जितेंद्र सिंह उर्फ मंत्री जी उर्फ अभियंता जी को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के कांड संख्या 26/24 (धारा-147/148/149/341/323/325/307 भा.द.वि. एवं 17 CLA Act) के तहत हुई।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक, पलामू को सूचना मिली थी कि टीएसपीसी के सदस्य जितेंद्र सिंह ग्राम बाराखाड़ डैम के पास आने वाला है। सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (छत्तरपुर) अवध कुमार यादव के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाराखाड़ डैम के पास संदिग्ध को देखा। पुलिस को देखकर वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया।
अपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र सिंह के खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें शामिल हैं:
1. नौडीहा बाजार थाना कांड संख्या 71/21 (20.10.2021): धारा 25 (1-B)a/26/35 Arms Act, 17 CLA Act।
2. नौडीहा बाजार थाना कांड संख्या 26/24 (20.05.2024): धारा-147/148/149/341/323/325/307 भा.द.वि. एवं 17 CLA Act।
3. छत्तरपुर थाना कांड संख्या 62/24 (06.04.2024): धारा-323/325/341/353/504/34 भा.द.वि. एवं 17 CLA Act।
4. छत्तरपुर थाना कांड संख्या 107/23 (22.08.2023): धारा-384/385 भा.द.वि. एवं Arms Act।
5. छत्तरपुर थाना कांड संख्या 187/24 (16.10.2024): धारा-308 (4)/308 (3) BNS 2023 एवं 17 CLA Act।
6. छत्तरपुर थाना कांड संख्या 194/24 (24.10.2024): धारा-191(2)/191(3)/190/109/121(2)/132/161(2) BNS 2023, Arms Act एवं 17 CLA Act।
बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी के पास से वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
छापेमारी टीम
इस सफल छापेमारी अभियान में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों ने भाग लिया:
अवध कुमार यादव, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, छत्तरपुर।
अमित कुमार द्विवेदी, थाना प्रभारी, नौडीहा बाजार थाना।
स०अ०नि० टुनटुन कुमार।
स०अ०नि० अजय कुमार राय।
नौडीहा बाजार थाना रिजर्व गार्ड।
पलामू पुलिस की प्रतिबद्धता
पलामू पुलिस ने इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित किया है कि वह समाज में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से उग्रवादी संगठनों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।
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मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

मध्यप्रदेश : कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री भारत सिंह का शुक्रवार सुबह रतलाम में निधन हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार थे, इलाज के लिए उन्हें रतलाम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सुबह निधन की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया। परिजन भारत सिंह की पार्थिव देह को लेकर रतलाम से उनके निवास स्थान गढ़ी के लिए रवाना हो गए हैं। उनका पार्थिव शरीर आज अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।कल शनिवार सुबह 10.30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी, इसके बाद ईदगाह के पीछे पारिवारिक मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बता दें कि भारत सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा चेहरा थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल में गृह और उद्योग मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। उनके निधन से राजनीतिक जगत में भी शोक व्याप्त है।
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पटना ब्रेकिंग न्यूज़-पटना बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज,

पटना– पटना में BPSC एग्जाम को लेकर बवाल, पुलिस के लाठीचार्ज में स्टूडेंट का सिर फटा; जानें हंगामे की क्या है वजह
पटना।बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं सिविल सेवा परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन के विरोध में हजारों कैंडिडेट्स पटना की सड़कों पर उतर आए हैं। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए हैं, और कुछ के सिर भी फटे हैं।
पटना में BPSC के दफ्तर के सामने इकट्ठा हुए छात्रों ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई। छात्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया परीक्षा में धांधली का एक साधन बन सकती है। नॉर्मलाइजेशन का तात्पर्य है कि विभिन्न शिफ्टों में आयोजित परीक्षा के अंकों को सामान्य किया जाएगा, जिससे कुछ छात्रों के अंक बढ़ाए जा सकते हैं और कुछ के घटाए जा सकते हैं। इससे सभी छात्रों को समान अवसर नहीं मिल पाएगा।

छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाए, ताकि सभी उम्मीदवारों को समान प्रश्न पत्र मिले और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने स्थिति को बिगाड़ दिया।
पुलिस ने पहले छात्रों को वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन जब वे नहीं माने तो बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई छात्र घायल हुए, और सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल हो गए हैं, जिसमें पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठी चलाते हुए देखा जा सकता है।
छात्र नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने मांग की है कि BPSC द्वारा नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को वापस लिया जाए और परीक्षा का आयोजन पारदर्शी तरीके से किया जाए।
इस प्रकार, पटना में BPSC परीक्षा को लेकर चल रहा यह हंगामा न केवल छात्रों के लिए बल्कि प्रशासन के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन गया है।

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Hemant Soren government का बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार में 11 नए मंत्रियों को विभाग आवंटित

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी सरकार के मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार कर दिया। इस विस्तार में 11 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है और उन्हें राज्य के प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम राज्य में विकास कार्यों को तेज गति देने और प्रशासनिक सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मंत्रियों और विभागों का विवरण
राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की अधिसूचना संख्या-1679 के तहत विभागों का आवंटन किया है। निम्नलिखित मंत्रियों को उनके विभागों का प्रभार सौंपा गया है:
1. राधा कृष्ण किशोर – वित्त विभाग
2. दीपक बिरुवा – परिवहन विभाग
3. चमरा लिण्डा – अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
4. संजय प्रसाद यादव – श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग
5. रामदास सोरेन – स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
6. इरफान अंसारी – स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग
7. हफीजूल हसन – जल संसाधन विभाग
8. श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह – ग्रामीण विकास विभाग
9. योगेन्द्र प्रसाद – पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
10. सुदिव्य कुमार – नगर विकास एवं आवास विभाग
11. श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की – कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग
मुख्यमंत्री का विजन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अपनी नई टीम के साथ राज्य के विकास के लिए ठोस और जनहितकारी कदम उठाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि इस मंत्रिमंडल का गठन राज्य के हर क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने और जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए किया गया है।
राजनीतिक महत्व
इस मंत्रिमंडल विस्तार को राज्य के लिए एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों का चयन किया गया है। यह कदम सरकार की स्थिरता और आगामी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
हेमंत सोरेन सरकार का यह मंत्रिमंडल विस्तार राज्य के लिए एक नई शुरुआत है। इससे जहां प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं राज्य के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। सभी नए मंत्रियों को उनके कार्यभार संभालने के लिए शुभकामनाएँ दी गई हैं।
सरकार ने इस विस्तार को जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप बताते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को जल्द से जल्द नए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।[pdf_embed url=”https://newsmediakiran.com/wp-content/uploads/2024/12/Depts.pdf”][pdf_embed url=”https://newsmediakiran.com/wp-content/uploads/2024/12/Est-Dept.pdf”]
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नक्सलियों ने 24वें स्थापना वर्षगांठ सप्ताह के दौरान बैनर और पोस्टर लगाए

चाईबासा: भाकपा माओवादियों ने अपने संगठन की 24वीं स्थापना वर्षगांठ सप्ताह का आयोजन 2 दिसंबर से शुरू किया है। इस अवसर पर नक्सली संगठन ने चाईबासा के मनोहरपुर थाना क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बैनर और पोस्टर लगाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

बैनर और पोस्टरों का उद्देश्य
मंगलवार की रात, माओवादियों ने मनोहरपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बैनर और बड़ी संख्या में पोस्टर लगाए। इन बैनरों में हिंदुत्ववादी नीतियों के खिलाफ जनप्रतिरोध आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया गया है। पूर्वी रीजनल कमान द्वारा जारी बैनरों में निम्नलिखित मुद्दों पर जोर दिया गया है:
  • आदिवासी अधिकारों की रक्षा*: सारंडा कोल्हान समेत विभिन्न वन प्रक्षेत्रों के आदिवासी घरों और स्कूलों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा स्थापित कैंपों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का आह्वान।
    वन संरक्षण कानूनों का विरोध*: केंद्र सरकार के वन संरक्षण कानून (20, 22, 23) के खिलाफ जन आंदोलन को मजबूत करने की आवश्यकता।
  • जल, जंगल, जमीन पर जनता का अधिकार*: जल, जंगल और जमीन पर जनता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए जन आंदोलन की आवश्यकता।
  • धर्मनिरपेक्षता और जनवाद का समर्थन*: विभिन्न धर्मावलंबियों और राष्ट्रीयताओं पर हिंदुत्ववादी फासीवाद के हमले का विरोध करते हुए धर्मनिरपेक्षता, जनवाद, और राष्ट्रीयता के आत्मनिर्णय के अधिकार की रक्षा करने की अपील।

पुलिस की प्रतिक्रिया
इन बैनरों और पोस्टरों को बस स्टैंड, कुदासाई, मनीपुर, मेदासाई, बच्चमगुटू समेत अन्य गांवों की सड़कों पर लगाया गया था। सूचना मिलने पर मनोहरपुर पुलिस ने सभी बैनर और पोस्टरों को जब्त कर लिया है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
निष्कर्ष: भाकपा माओवादियों द्वारा आयोजित यह स्थापना वर्षगांठ सप्ताह न केवल संगठन की गतिविधियों को उजागर करता है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों में उनकी विचारधारा को फैलाने का एक प्रयास भी है। पुलिस की कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सुरक्षा बल इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
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चेन पुलिंग पर सख्ती: रेलवे लगाएगा भारी जुर्माना और डिटेंशन चार्ज

नई दिल्ली :अब ट्रेन में चेन पुलिंग करना यात्रियों को बेहद महंगा पड़ सकता है। रेलवे ने इस पर सख्ती करते हुए जुर्माने के साथ-साथ ट्रेन के ठहराव का खर्च वसूलने का नया नियम लागू किया है। नए नियमों के तहत, बिना गंभीर वजह के चेन पुलिंग करने पर यात्रियों को ₹500 जुर्माने के अलावा ट्रेन के रुकने का खर्च भी देना होगा। यह खर्च एक मिनट के लिए ₹8,000 और पांच मिनट के लिए ₹40,500 तक हो सकता है।
रेलवे का कहना है कि चेन पुलिंग के कारण न केवल ट्रेन की समय-सारणी बाधित होती है, बल्कि इससे रेलवे को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। ट्रेन को दोबारा शुरू करने में 5-10 मिनट का समय लगता है, जिससे अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होता है।
नए नियमों का उद्देश्य
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस सख्ती का मकसद चेन पुलिंग जैसी अनावश्यक गतिविधियों को रोकना और ट्रेन को समय पर चलाना सुनिश्चित करना है। रेलवे ने यह भी बताया कि अक्सर चेन पुलिंग के बाद यात्री ट्रेन से उतरकर भागने की कोशिश करते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। अब ऐसे यात्रियों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
किन परिस्थितियों में चेन पुलिंग पर जुर्माना नहीं लगेगा?
हालांकि, रेलवे ने कुछ विशेष परिस्थितियों में चेन पुलिंग पर छूट दी है:
  1. यदि यात्री की जान को खतरा हो, जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना से बचने के लिए चेन पुलिंग की जाए।
  2. यदि 10 वर्ष से कम आयु का बच्चा या 60 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति ट्रेन से छूट गया हो और यह साबित हो कि उनका ट्रेन में चढ़ना अनिवार्य था।
नियम का प्रभाव और जुर्माने की राशि
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रेन के रुकने का खर्च जुर्माने में जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर:
1 मिनट रुकने का जुर्माना: ₹8,000
5 मिनट रुकने का जुर्माना: ₹40,500
10 मिनट रुकने का जुर्माना: ₹80,500
रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। यात्री इस बारे में जागरूक रहें और अनावश्यक चेन पुलिंग से बचें।
यात्रियों से अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि अगर किसी कारणवश चेन पुलिंग होती है, तो ट्रेन में चढ़ने-उतरने की कोशिश न करें। ऐसा करने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नया नियम यात्रियों को अनुशासित करने और रेलवे की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए लागू किया गया है।
रेलवे का यह कदम ट्रेन संचालन को सुचारु बनाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
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