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Jharkhand crime news:कोयला व्यवसायी के घर अंधाधुंध फाय*रिंग, गोली*बारी की घटना सीसीटीवी में कैद…जांच में जुटी है पुलिस…

लातेहार :झारखंड –जिला के बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित कोयला व्यवसायी और भाजपा नेता मुकेश कुमार के घर पर देर शाम अंधाधुंध फायरिंग की।अज्ञात अपराधियों के द्वारा की गई गोलीबारी की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। डीएसपी विनोद रवानी के निर्देश पर थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार घटना स्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की छानबीन कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार,कोयला व्यवसाय मुकेश कुमार के घर के बाहर एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन अपराधी आए और उनमें से दो अपराधी मोटरसाइकिल से उतर गए अपराधी बंदूक लहराते हुए मुकेश कुमार के घर के दरवाजे के पास अंधाधुंध फायरिंग आरंभ कर दिया।इस दौरान अपराधियों के द्वारा गाली गलौज भी की गई।लगभग 6 राउंड गोली चलाने के बाद अपराधी मोटरसाइकिल पर सवार हो गए और दो हवाई फायरिंग करते हुए वहां से फरार हो गए।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मुकेश कुमार के घर के पास पहुंचे। लेकिन तब तक अपराधी वहां से फरार हो गए थे।इसके बाद में लोगों ने इस वारदात की जानकारी पुलिस को दी।जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल में जुट गयी है।
अपराधियों के द्वारा की गई पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो अपराधी कोयला व्यवसाय मुकेश कुमार के घर के पास पहुंचे और दरवाजे के पास आकर फायरिंग आरंभ कर दी। सीसीटीवी में दिख रहा है कि अपराधियों के द्वारा कई राउंड गोलियां चलाई गयी हैं।हालांकि गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज को भी देखकर मामले की छानबीन आरंभ की है।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी भी आरंभ कर दी गई है।
मोहल्ले में फायरिंग की वारदात के बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अपराधियों के द्वारा रंगदारी के लिए दहशत फैलाने के लिए इस प्रकार की घटना को लगातार अंजाम दिया जा रहा है।लेकिन पुलिस अपराधियों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड के नवनियुक्त मंत्रियों ने की शिष्टाचार भेंट

रांची-मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में मंत्री वित्त विभाग राधा कृष्ण किशोर, मंत्री परिवहन विभाग दीपक बिरुवा, मंत्री अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग चमरा लिंडा, मंत्री श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग संजय प्रसाद यादव, मंत्री स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग रामदास सोरेन, मंत्री स्वास्थ्य,

चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग इरफान अंसारी, मंत्री जल संसाधन विभाग हफीजुल हसन, मंत्री ग्रामीण विकास विभाग दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग योगेंद्र प्रसाद, मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग सुदिव्य कुमार एवं मंत्री कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग शिल्पी नेहा तिर्की ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से नवनियुक्त मंत्रीगणों की यह शिष्टाचार भेंट थी।

भोजपुरी की सुपर हॉट अभिनेत्री सर्दी के दिनों में नीलम गिरी ने लगाया पानी में आग, शिल्पी राज का गाना “बेदर्दी बालम” में पृथ्वी तिवारी के साथ मचाया धमाल

भोजपुरी की सुपर हॉट अभिनेत्री नीलम गिरी और पृथ्वी तिवारी का धमाकेदार गाना “बेदर्दी बालम” ने मचाया धमाल, सर्दी में लगाया पानी में आग

भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी अदाकारी से तहलका मचाने वाली अभिनेत्री नीलम गिरी ने एक बार फिर से अपने अभिनय और अदाओं से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इस बार उनके साथ हैं भोजपुरी के चर्चित अभिनेता पृथ्वी तिवारी, जिन्होंने गाने में जबरदस्त कमाल किया। शिल्पी राज का गाना “बेदर्दी बालम” में नीलम गिरी और पृथ्वी तिवारी की जोड़ी ने दर्शकों के दिलों में हलचल मचा दी है। यह गाना “टेकमी” परिवार के द्वारा प्रस्तुत किया गया है और 2024 के सबसे धमाकेदार गीतों में से एक माना जा रहा है।

Link : https://www.youtube.com/watch?v=TSjh62sjwC8

इस गाने में नीलम गिरी ने अपने हॉट और ग्लैमरस लुक्स से सर्दी के दिनों में जैसे आग लगा दी हो। उनका हर एक अंदाज दर्शकों के दिलों को छूने वाला है। वहीं पृथ्वी तिवारी ने भी गाने में अपने अभिनय से जबरदस्त प्रभाव डाला है। दोनों का अभिनय और कैमेस्ट्री इस गाने को और भी खास बनाती है। गाने के बोल और संगीत के साथ-साथ उनकी अदाकारी भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

गाने के बारे में नीलम गिरी ने कहा, “यह गाना मेरे लिए बहुत खास है। इस गाने में मेरी और पृथ्वी की जोड़ी ने बहुत अच्छा काम किया है, और मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को भी यह गाना बहुत पसंद आएगा।” पृथ्वी तिवारी ने इस गाने को लेकर कहा, “शिल्पी राज के साथ इस गाने में काम करना बहुत शानदार अनुभव था। हम दोनों ने मिलकर एक बेहतरीन गाने की रचना की है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे अपनी प्रतिक्रियाओं से सराहेंगे।”

गाने के गीतकार सोनू मिश्रा हैं, जिनके शब्दों ने गाने को और भी दिलचस्प बना दिया। संगीतकार आर्य शर्मा का संगीत भी गाने को सुनने लायक बनाता है। गाने के डीओपी मुकेश, एडिटर सोम, कोरियोग्राफर लक्की विश्वकर्मा और डीआई रोहित सिंह ने भी बेहतरीन काम किया है। वीडियो एडिटर लक्की विश्वकर्मा हैं, और पीआरओ रंजन सिन्हा हैं। निर्माता सोमित जीना हैं और गाने का लेबल टेकमी है।

गाने को लेकर “टेकमी” ने सभी से आग्रह किया है कि वे इस गाने को जरूर देखें। राउर इंतजार के बेरा अब ख़त्म हो चूका है, और अब यह गाना आपके सामने है। अगर आपने अभी तक गाना नहीं देखा है, तो जल्दी से इसे देखें और नीलम गिरी और पृथ्वी तिवारी की जबरदस्त परफॉर्मेंस का आनंद लें।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रांची में जेल मैनुअल में सुधार और विचाराधीन कैदियों के मानवाधिकारों की रक्षा पर परिचर्च

रांची: मानवाधिकार दिवस 2024 के अवसर पर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रांची (NUSRL) के सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सबऑल्टर्न स्टडीज (CHRSS) द्वारा “76वें मानवाधिकार घोषणा-पत्र (UDHR-1948)” की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। विषय था “जेल के भीतर, दोष से परे: विचाराधीन कैदियों की वास्तविकता”. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अशोक आर. पाटिल की उपस्थिति में परिचर्चा का उद्घाटन किया गया।

इस चर्चा में जेलों की स्थिति, विचाराधीन कैदियों को दी जाने वाली कानूनी सहायता, और उनके मानवाधिकारों की रक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। पैनल में प्रमुख वक्ता थे:
• हमीद अख्तर (एआईजी जेल, झारखंड)
• डॉ. पी.एम. टोनी (निदेशक, बगीचा, नामकुम, रांची)
• शशि सागर वर्मा (महासचिव, PUCL, रांची)
• शैलेश पोद्दार (अधिवक्ता, झारखंड हाईकोर्ट)
• अपूर्वा विवेक (अधिवक्ता, झारखंड हाईकोर्ट एवं संस्थापक, हाशिया, SLCW)

चर्चा का समन्वय NUSRL के सहायक प्रोफेसर और सेंटर के संयोजक रामचंद्र उरांव और दीपाशी स्वरा ने किया।

कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे राज्यों की सरकारों और एनजीओ के साथ मिलकर कैदियों के लिए कानूनी सुविधाओं और मानवाधिकारों में सुधार के लिए काम कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड में भी इस दिशा में प्रयास जारी हैं, जिसमें अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय राज्य सरकार और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ मिलकर जल्द ही इस क्षेत्र में कार्य आरंभ करेगा।

हामिद अख्तर ने झारखंड गठन से पहले जेलों की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने रांची जेल का उदाहरण देते हुए बताया कि जहां 10 लोगों के लिए व्यवस्था थी, वहां 100 कैदियों को रखा जाता था। इस कारण कैदियों को बारी-बारी से सोना पड़ता था। उन्होंने मौजूदा स्थिति में सुधार का जिक्र करते हुए सुधार की दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने कैदियों के प्रति सहानुभूति, मानवीय मूल्यों, और सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

डॉ. पी.एम. टोनी ने बिरसा मुंडा जेल में आदिवासी और दलित कैदियों की स्थिति पर अपने शोध प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि 18 से 40 वर्ष के बीच के अधिकांश कैदी आदिवासी समुदायों से हैं, जो अपने परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं और जिन पर माओवादी समर्थक होने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने जेलों में क्षमता से 200% अधिक भीड़ और विचाराधीन कैदियों के मामलों के 75% लंबित रहने की समस्या का उल्लेख किया।

शशि सागर वर्मा ने कहा कि जेल की ऊंची दीवारें कैदियों की आवाज़ को बाहर तक पहुंचने नहीं देतीं। उन्होंने यह चिंता जताई कि अगर कैदियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उनकी सुनवाई के लिए कोई नहीं होता।

अपूर्वा विवेक ने महिला कैदियों की स्थिति पर चर्चा करते हुए बताया कि कई महिलाएं गर्भवती हालत में जेल पहुंचती हैं। उन्होंने जेल मैनुअल में इस संबंध में दिशानिर्देशों की कमी का जिक्र किया और कहा कि कई महिलाएं अपने बच्चों को रखना नहीं चाहतीं, लेकिन कोई अन्य विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ता है।

श्री शैलेश पोद्दार ने वकील के रूप में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत मामलों में कई बार गंभीर चूक होती है। उन्होंने एक उदाहरण दिया जिसमें एक महिला ने बलात्कार के आरोप से इनकार किया और कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ भागी थी, जबकि पुलिस ने तीन निर्दोष व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।

चर्चा में मुख्य रूप से जेल मैनुअल में सुधार, विचाराधीन कैदियों के लिए कानूनी सहायता, और राज्य सरकार व जेल प्रशासन के साथ एनजीओ की भूमिका पर जोर दिया गया।

राजकुमार राव के बड़े भाई अमित राव कर रहे हैं डेब्यू ,निर्देशक सनोज मिश्रा की फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर’ से

मर जाऊंगा, लेकिन अनुभव सिन्हा की वामपंथी सोच वाली फिल्में नहीं बनाऊंगा, अनुभव समाज को भ्रमित कर रहे हैं –
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मणिपुर हिंसा की चर्चा आज विश्वस्तर पर हो रही है, लेकिन अभी तक इसका समाधान होता नहीं दिखाई दे रहा है। ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ के मेकर अब मणिपुर हिंसा के ज्वलंत मुद्दे पर फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ बनाने जा रहे हैं। मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फिल्म के लेखक निर्माता और निर्देशक सनोज मिश्र ने फिल्म मेकर अनुभव सिन्हा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी तरह से वामपंथी सोच वाली फिल्में नहीं बना सकता। बतादें कि सनोज मिश्रा की फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से राजकुमार राव के बड़े भाई अमित राव हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं।

सनोज मिश्र ऐसे डायरेक्टर हैं, जो समाज के ज्वलंत मुद्दे पर फिल्म बनाते हैं। चाहें उनकी फिल्म ‘काशी टु कश्मीर’ हो या फिर ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ हो। उनकी इस फिल्म का काफी विरोध हुआ था। यहां, तक की जान से मारने की धमकियां भी मिली थी। सनोज मिश्र ने कहा, मैं अपनी फिल्मों के माध्यम से समाज के ऐसे ज्वलंत मुद्दों दिखता रहूंगा। डायरेक्टर होने के नाते मेरा यह कर्तव्य भी हैं कि अपनी फिल्मों के माध्यम से समाज की सच्ची तस्वीर पेश करूं। मैं किसी की धमकियों से नहीं डरता हूं। मुझे पता है कि मेरी स्वाभाविक मृत्यु नहीं होगी। मुझे मार दिया जाएगा, लेकिन मैं डरने वाला हूं।

सनोज मिश्रा ने फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा पर निशाना साधते हुए कहा- मैं युवाओं को भ्रमित करने वाली फिल्में या वामपंथी सोच रखने वाले अनुभव सिन्हा की तरह एजेंडा फिल्में नहीं बनाता हूं। मैं फैक्ट्स को लेकर चलता हूं। समाज को गलत दिखा दिखाने वाली फिल्में नहीं बना सकता।

फिल्म के बारे में बात करते हुए सनोज मिश्रा ने कहा, यह फिल्म एक पॉलिटिशियन और गांव की गरीब लड़की की प्रेम कहानी है। यह एक विशुद्ध लव स्टोरी है, जो मणिपुर के वॉयलेंस से होकर गुजरती है। यह बहुत ही संवेदनशील विषय है, इसलिए फिल्म की कहानी के बारे में अभी विस्तार से नहीं बता पाऊंगा।

फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के जरिए एक्टर राजकुमार राव के बड़े भाई अमित राव इंडस्ट्री में डेब्यू कर रहे हैं। रंग मंच की दुनिया में उनका बहुत बड़ा नाम है। अमित राव ने कहा, मुझे काफी समय से फिल्मों के ऑफर मिल रहे हैं, लेकिन मैने कभी फिल्मों में एक्टिंग को गंभीरता से नहीं लिया। जब इस फिल्म के लिए डायरेक्टर सनोज मिश्र ने मुझसे संपर्क किया और फिल्म की कहानी सुनाई तो इस फिल्म में काम करने से खुद को नहीं रोक पाया। मुझे लगता है कि बॉलीवुड में मेरी शुरुआत का यह अच्छा समय है। मैं समझता हूं कि इस फिल्म में अभिनय की सारी भावनाएं व्यक्त कर पाऊंगा।

सनोज मिश्रा फिल्म्स के बैनर तले बनने जा रही इस फिल्म के लेखक, निर्माता और निर्देशक सनोज मिश्र हैं। फिल्म के सह -निर्माता यामीन खान, जावेद देवरियावाले ,धीरेंद्र ठाकुर, और संजय कुमार हैं। इस फिल्म के प्रचारक संजय भूषण पटियाला हैं। अमित राव के अलावा इस फिल्म में देश की प्रसिद्ध योग शिक्षिका मानसी गुलाटी और भजन सम्राट अनूप जलोटा भी एक खास किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन जारी है।
इस औसर पर अपूर्वा दत्ता, दीपक सुथा, महमूद अली, महिमा गुप्ता , श्वेता, ज्ञान चंद्र, शिव आर्यन, पप्पू यादव उपस्थित थे ।

जमशेदपुर: कारोबारी और पूर्व पत्रकार आशुतोष ओझा को गोली मारी गई

जमशेदपुर। मानगो डिमना लेक (बोड़ाम क्षेत्र) के पास अज्ञात अपराधियों ने कारोबारी और पूर्व पत्रकार आशुतोष ओझा को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब ओझा अपने दो साथियों के साथ मानगो के डिमना लेक के पास लगे हाट बाजार में गए थे।

फायरिंग की घटना

जानकारी के अनुसार, जैसे ही ओझा और उनके साथी बाजार में थे, दो अपराधी बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचे और अचानक ओझा पर पीछे से फायरिंग कर दी। इस हमले में ओझा को पीठ में गोलियां लगीं। गोली चलाने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में भर्ती

ओझा के साथियों ने किसी तरह उन्हें एक गाड़ी में बैठाया और लहूलुहान हालत में एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि उनकी हालत अब खतरे से बाहर है और उनका इलाज जारी है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके।

निष्कर्ष

यह घटना शहर में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है। स्थानीय प्रशासन को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आशुतोष ओझा की जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

सांसद पप्पू यादव को चाहिए था जेड प्लस सुरक्षा,रच डाली साजिश, हुआ खुलासि,सांसद के सहयोगियों का हाथ

बिहार : पूर्णिया से सांसद *पप्पू यादव* को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में यह सामने आया है कि यह धमकी सांसद के करीबी सहयोगियों द्वारा रची गई थी, न कि गैंगस्टर *लॉरेंस बिश्नोई* के द्वारा।

गिरफ्तार आरोपी और साजिश का विवरण

पुलिस ने भोजपुर जिले से एक युवक *रामबाबू राय* को गिरफ्तार किया है, जिसने सांसद पप्पू यादव को धमकी दी थी। पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक *कार्तिकेय शर्मा* ने बताया कि आरोपी ने यह धमकी दी थी कि पप्पू यादव को लॉरेंस बिश्नोई से माफी मांगनी होगी, नहीं तो उनकी हत्या कर दी जाएगी।

पैसे का प्रलोभन और वीडियो शूट

पूछताछ में पता चला कि रामबाबू राय पूर्व में जन अधिकार पार्टी का सदस्य रह चुका है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सांसद पप्पू यादव के साथ उसका एक फोटो भी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी सांसद के करीबी लोगों में से एक था। रामबाबू को वीडियो शूट करने के लिए 2 लाख रुपये का ऑफर दिया गया था, जिसमें से 2 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे।

आगे की कार्रवाई और जांच

पुलिस ने आरोपी के पास से दो वीडियो भी बरामद किए हैं, जो एक महीने पहले ही शूट किए गए थे। ये वीडियो संभावित रूप से समय के अनुसार उपयोग करने के लिए बनाए गए थे। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिनका नाम आरोपी ने लिया है, हालांकि सहयोगियों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

यह मामला इस बात का संकेत देता है कि राजनीतिक सुरक्षा और सुरक्षा तंत्र में आंतरिक साजिशें कितनी गंभीर हो सकती हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

छात्र ने प्रिंसिपल की गोली मारकर की हत्या, मृतक की स्कूटी लेकर मौके से फरार

मध्य प्रदेश : छतरपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र द्वारा कथित तौर पर प्रिंसिपल की सिर में गोली मारकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र मृतक प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने प्रिंसिपल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। एफएसएल की टीम भी घटनास्थल की बारीकी से जांच करने में जुटी हुई है।


बताया जा रहा है कि घटना शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे की है। जानकारी के अनुसार, 12वीं क्लास में पढ़ने वाले एक छात्र ने छतरपुर जिले के धमोरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अंदर प्रिंसिपल पुष्पेंद्र सक्सेना के सिर में उस वक्त गोली मार दी, जब वह स्कूल में बने बाथरूम में गए हुए थे।
स्कूल में ही पढ़ने वाला छात्र भी उनके पीछे से पहुंच गया और उनके सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी छात्र 12वीं क्लास में पढ़ता है और गणित विषय से पढ़ाई कर रहा था। हत्याकांड की असल वजह क्या है फिलहाल इसका पता नहीं लग सका है।पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आरोपी छात्र के पास हथियार कहां से आया और उसने इस वारदात को अंजाम क्यों दिया। फिलहाल आरोपी छात्र फरार है और मौके पर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह एसएसपी अमन मिश्रा मौके पर मौजूद हैं।

गोली की आवाज से दहल गया स्कूल
स्कूल में पढ़ाने वाले अन्य शिक्षकों ने बताया कि अचानक से गोली चलने की आवाज आई तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया। इस पहले कि हम सब कुछ समझ पाते एक छात्र तेजी से दौड़ता हुआ बाथरूम से बाहर निकला। जब हमने अंदर जाकर देखा तो प्रिंसिपल की लाश जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी।
घटना के तुरंत बाद के स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया। पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच करते हुए स्कूल स्टाफ से पूछताछ करने के साथ ही घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। इस खौफनाक घटना से सभी छात्रों और शिक्षकों में दहशत का माहौल है।

झारखंड से बंगाल जा रही सब्जियों की गाड़ियों का ग्रामीणों ने रोका रास्ता

घाटशिला :पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र में डुमकाकोचा गांव के पास ग्रामीणों नेझारखंड से टमाटर, गोभी, बैंगन, धनिया पत्ती और अन्य हरी सब्जियों लेकर बंगाल जा रही गाड़ियों को रोक दिया। यह विरोध पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा झारखंड में आलू की आवक पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने न केवल आलू की आवक पर रोक लगाई है, बल्कि आलू के बीज लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इस कारण वे भी झारखंड की सब्जियों को बंगाल नहीं जाने देंगे। इसके बाद, बंगाल के लतापोड़ा, पुनसा, मधुबन, कुमीरडीह, कोड़पा, जुगीडीह, माकोपाली, बूढ़ीगोड़ा और भोमरागोड़ा जैसे क्षेत्रों के ग्रामीणों ने दुआरसिनी में सड़क जाम कर दिया।

सड़क जाम की स्थिति

इस दौरान सैकड़ों मजदूर और सब्जी विक्रेता घंटों तक जाम में फंसे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे झारखंड में आलू की किल्लत हो गई है, जिसके कारण आलू की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो भविष्य में आलू की कमी के कारण आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

पुलिस की कार्रवाई

गालूडीह थाना प्रभारी कुमार इंद्रेश ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बंगाल के बांदवान थाना प्रभारी मोंताज शेख भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। वार्ता के बाद ही जाम हटाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि छोटे वाहनों में आलू ले जाने की अनुमति है, लेकिन बड़े वाहनों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

निष्कर्ष

ग्रामीणों का मानना है कि पूरे भारत में खाद्य पदार्थों का व्यापार अवरोध मुक्त होना चाहिए और किसी राज्य सरकार द्वारा इस तरह के प्रतिबंध लगाना अवैधानिक है। उनका कहना है कि यह मुक्त व्यापार के खिलाफ है और नागरिकों को प्रताड़ित करने वाला कदम है।

बिहार में बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज: तेजस्वी यादव और दिलीप जायसवाल के बीच बयानबाजी

*बिहार: बिहार में बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की घटना ने राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी है। यह घटना तब हुई जब हजारों अभ्यर्थी 70वीं सिविल सेवा परीक्षा के नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों ने बीपीएससी कार्यालय के बाहर एकत्र होकर अपनी मांगें रखीं, जिसमें नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को समाप्त करने और परीक्षा को एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में आयोजित करने की मांग शामिल थी।

लाठीचार्ज की घटना

प्रदर्शनकारियों ने जब अपनी आवाज उठाई, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए और कुछ को गंभीर चोटें आईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बर्बरता से कार्रवाई की, जबकि वे शांति पूर्वक अपनी बात रख रहे थे।

तेजस्वी यादव का बयान

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे बिहार के लोगों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है और प्रशासनिक असफलताओं का सामना कर रही है। यादव ने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और उनके अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

दिलीप जायसवाल की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, बिहार सरकार के प्रवक्ता दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी यादव की आलोचना करते हुए कहा कि उनका काम केवल लोगों को भड़काना नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव अपने पिता के नाम के सहारे राजनीति में हैं और उनकी शिक्षा और अनुभव पर सवाल उठाए। जायसवाल ने कहा, “विपक्ष का असली काम सरकार को सुझाव देना और जनता के हितों की रक्षा करना है।”

निष्कर्ष

इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीतिक स्थिति को और भी जटिल बना दिया है, जहाँ एक ओर छात्र अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक नेता इस मुद्दे का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों की समस्याओं को लेकर यह विवाद अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है, जिससे आने वाले दिनों में और भी हलचलों की उम्मीद है।