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मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

मध्यप्रदेश : कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री भारत सिंह का शुक्रवार सुबह रतलाम में निधन हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार थे, इलाज के लिए उन्हें रतलाम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सुबह निधन की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया। परिजन भारत सिंह की पार्थिव देह को लेकर रतलाम से उनके निवास स्थान गढ़ी के लिए रवाना हो गए हैं। उनका पार्थिव शरीर आज अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।कल शनिवार सुबह 10.30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी, इसके बाद ईदगाह के पीछे पारिवारिक मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बता दें कि भारत सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा चेहरा थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल में गृह और उद्योग मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। उनके निधन से राजनीतिक जगत में भी शोक व्याप्त है।
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पटना ब्रेकिंग न्यूज़-पटना बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज,

पटना– पटना में BPSC एग्जाम को लेकर बवाल, पुलिस के लाठीचार्ज में स्टूडेंट का सिर फटा; जानें हंगामे की क्या है वजह
पटना।बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं सिविल सेवा परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन के विरोध में हजारों कैंडिडेट्स पटना की सड़कों पर उतर आए हैं। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए हैं, और कुछ के सिर भी फटे हैं।
पटना में BPSC के दफ्तर के सामने इकट्ठा हुए छात्रों ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई। छात्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया परीक्षा में धांधली का एक साधन बन सकती है। नॉर्मलाइजेशन का तात्पर्य है कि विभिन्न शिफ्टों में आयोजित परीक्षा के अंकों को सामान्य किया जाएगा, जिससे कुछ छात्रों के अंक बढ़ाए जा सकते हैं और कुछ के घटाए जा सकते हैं। इससे सभी छात्रों को समान अवसर नहीं मिल पाएगा।

छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाए, ताकि सभी उम्मीदवारों को समान प्रश्न पत्र मिले और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने स्थिति को बिगाड़ दिया।
पुलिस ने पहले छात्रों को वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन जब वे नहीं माने तो बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई छात्र घायल हुए, और सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल हो गए हैं, जिसमें पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठी चलाते हुए देखा जा सकता है।
छात्र नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने मांग की है कि BPSC द्वारा नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को वापस लिया जाए और परीक्षा का आयोजन पारदर्शी तरीके से किया जाए।
इस प्रकार, पटना में BPSC परीक्षा को लेकर चल रहा यह हंगामा न केवल छात्रों के लिए बल्कि प्रशासन के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन गया है।

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Hemant Soren government का बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार में 11 नए मंत्रियों को विभाग आवंटित

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी सरकार के मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार कर दिया। इस विस्तार में 11 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है और उन्हें राज्य के प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम राज्य में विकास कार्यों को तेज गति देने और प्रशासनिक सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मंत्रियों और विभागों का विवरण
राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की अधिसूचना संख्या-1679 के तहत विभागों का आवंटन किया है। निम्नलिखित मंत्रियों को उनके विभागों का प्रभार सौंपा गया है:
1. राधा कृष्ण किशोर – वित्त विभाग
2. दीपक बिरुवा – परिवहन विभाग
3. चमरा लिण्डा – अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
4. संजय प्रसाद यादव – श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग
5. रामदास सोरेन – स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
6. इरफान अंसारी – स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग
7. हफीजूल हसन – जल संसाधन विभाग
8. श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह – ग्रामीण विकास विभाग
9. योगेन्द्र प्रसाद – पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
10. सुदिव्य कुमार – नगर विकास एवं आवास विभाग
11. श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की – कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग
मुख्यमंत्री का विजन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अपनी नई टीम के साथ राज्य के विकास के लिए ठोस और जनहितकारी कदम उठाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि इस मंत्रिमंडल का गठन राज्य के हर क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने और जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए किया गया है।
राजनीतिक महत्व
इस मंत्रिमंडल विस्तार को राज्य के लिए एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों का चयन किया गया है। यह कदम सरकार की स्थिरता और आगामी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
हेमंत सोरेन सरकार का यह मंत्रिमंडल विस्तार राज्य के लिए एक नई शुरुआत है। इससे जहां प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं राज्य के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। सभी नए मंत्रियों को उनके कार्यभार संभालने के लिए शुभकामनाएँ दी गई हैं।
सरकार ने इस विस्तार को जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप बताते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को जल्द से जल्द नए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।[pdf_embed url=”https://newsmediakiran.com/wp-content/uploads/2024/12/Depts.pdf”][pdf_embed url=”https://newsmediakiran.com/wp-content/uploads/2024/12/Est-Dept.pdf”]
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नक्सलियों ने 24वें स्थापना वर्षगांठ सप्ताह के दौरान बैनर और पोस्टर लगाए

चाईबासा: भाकपा माओवादियों ने अपने संगठन की 24वीं स्थापना वर्षगांठ सप्ताह का आयोजन 2 दिसंबर से शुरू किया है। इस अवसर पर नक्सली संगठन ने चाईबासा के मनोहरपुर थाना क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बैनर और पोस्टर लगाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

बैनर और पोस्टरों का उद्देश्य
मंगलवार की रात, माओवादियों ने मनोहरपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बैनर और बड़ी संख्या में पोस्टर लगाए। इन बैनरों में हिंदुत्ववादी नीतियों के खिलाफ जनप्रतिरोध आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया गया है। पूर्वी रीजनल कमान द्वारा जारी बैनरों में निम्नलिखित मुद्दों पर जोर दिया गया है:
  • आदिवासी अधिकारों की रक्षा*: सारंडा कोल्हान समेत विभिन्न वन प्रक्षेत्रों के आदिवासी घरों और स्कूलों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा स्थापित कैंपों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का आह्वान।
    वन संरक्षण कानूनों का विरोध*: केंद्र सरकार के वन संरक्षण कानून (20, 22, 23) के खिलाफ जन आंदोलन को मजबूत करने की आवश्यकता।
  • जल, जंगल, जमीन पर जनता का अधिकार*: जल, जंगल और जमीन पर जनता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए जन आंदोलन की आवश्यकता।
  • धर्मनिरपेक्षता और जनवाद का समर्थन*: विभिन्न धर्मावलंबियों और राष्ट्रीयताओं पर हिंदुत्ववादी फासीवाद के हमले का विरोध करते हुए धर्मनिरपेक्षता, जनवाद, और राष्ट्रीयता के आत्मनिर्णय के अधिकार की रक्षा करने की अपील।

पुलिस की प्रतिक्रिया
इन बैनरों और पोस्टरों को बस स्टैंड, कुदासाई, मनीपुर, मेदासाई, बच्चमगुटू समेत अन्य गांवों की सड़कों पर लगाया गया था। सूचना मिलने पर मनोहरपुर पुलिस ने सभी बैनर और पोस्टरों को जब्त कर लिया है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
निष्कर्ष: भाकपा माओवादियों द्वारा आयोजित यह स्थापना वर्षगांठ सप्ताह न केवल संगठन की गतिविधियों को उजागर करता है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों में उनकी विचारधारा को फैलाने का एक प्रयास भी है। पुलिस की कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सुरक्षा बल इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
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चेन पुलिंग पर सख्ती: रेलवे लगाएगा भारी जुर्माना और डिटेंशन चार्ज

नई दिल्ली :अब ट्रेन में चेन पुलिंग करना यात्रियों को बेहद महंगा पड़ सकता है। रेलवे ने इस पर सख्ती करते हुए जुर्माने के साथ-साथ ट्रेन के ठहराव का खर्च वसूलने का नया नियम लागू किया है। नए नियमों के तहत, बिना गंभीर वजह के चेन पुलिंग करने पर यात्रियों को ₹500 जुर्माने के अलावा ट्रेन के रुकने का खर्च भी देना होगा। यह खर्च एक मिनट के लिए ₹8,000 और पांच मिनट के लिए ₹40,500 तक हो सकता है।
रेलवे का कहना है कि चेन पुलिंग के कारण न केवल ट्रेन की समय-सारणी बाधित होती है, बल्कि इससे रेलवे को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। ट्रेन को दोबारा शुरू करने में 5-10 मिनट का समय लगता है, जिससे अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होता है।
नए नियमों का उद्देश्य
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस सख्ती का मकसद चेन पुलिंग जैसी अनावश्यक गतिविधियों को रोकना और ट्रेन को समय पर चलाना सुनिश्चित करना है। रेलवे ने यह भी बताया कि अक्सर चेन पुलिंग के बाद यात्री ट्रेन से उतरकर भागने की कोशिश करते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। अब ऐसे यात्रियों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
किन परिस्थितियों में चेन पुलिंग पर जुर्माना नहीं लगेगा?
हालांकि, रेलवे ने कुछ विशेष परिस्थितियों में चेन पुलिंग पर छूट दी है:
  1. यदि यात्री की जान को खतरा हो, जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना से बचने के लिए चेन पुलिंग की जाए।
  2. यदि 10 वर्ष से कम आयु का बच्चा या 60 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति ट्रेन से छूट गया हो और यह साबित हो कि उनका ट्रेन में चढ़ना अनिवार्य था।
नियम का प्रभाव और जुर्माने की राशि
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रेन के रुकने का खर्च जुर्माने में जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर:
1 मिनट रुकने का जुर्माना: ₹8,000
5 मिनट रुकने का जुर्माना: ₹40,500
10 मिनट रुकने का जुर्माना: ₹80,500
रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। यात्री इस बारे में जागरूक रहें और अनावश्यक चेन पुलिंग से बचें।
यात्रियों से अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि अगर किसी कारणवश चेन पुलिंग होती है, तो ट्रेन में चढ़ने-उतरने की कोशिश न करें। ऐसा करने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नया नियम यात्रियों को अनुशासित करने और रेलवे की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए लागू किया गया है।
रेलवे का यह कदम ट्रेन संचालन को सुचारु बनाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
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झारखंड: मंत्रिमंडल विस्तार, राज्यपाल ने 11 मंत्रियों को दिलाई शपथ

रांची: झारखंड में मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार संपन्न हो गया। राज्यपाल संतोष गंगवार ने राजभवन के अशोक उद्यान में आयोजित समारोह में 11 मंत्रियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। साथ ही, स्टीफन मरांडी ने विधानसभा के कार्यकारी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) के पद की शपथ ली।
शपथ लेने वाले मंत्री का नाम

 

मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए मंत्रियों की सूची इस प्रकार है:
  • राधा कृष्ण किशोर
  • चमरा लिंडा
  • रामदास सोरेन
  • दीपक बिरूआ
  • संजय प्रसाद यादव
  • इरफान अंसारी
  • हफिजुल हसन
  • सुदिव्य सोनू
  • शिल्पी नेहा तिर्की
  • दीपिका पांडेय सिंह
  • योगेंद्र प्रसाद
पर्यटन स्थल पर विशेष चर्चा
शपथ ग्रहण समारोह के बाद, झारखंड के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने और राज्य को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहरों की भरमार है, जिसे देश-विदेश में लोकप्रिय बनाने के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी।
जन आकांक्षाओं पर फोकस
नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह मंत्रिमंडल झारखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, और पर्यटन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में ठोस कदम उठाएगी।
इस मंत्रिमंडल विस्तार से झारखंड में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। जनता को सरकार से कई नई योजनाओं और सुधारों की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री की पहल पर स्वदेश लौटेंगे झारखण्ड के 50 कामगार

  • 11 दिसंबर से कामगारों को मलेशिया से वापस लाने की प्रक्रिया शुरू होगी
रांची:झारखण्ड के कामगारों और श्रमिकों के प्रति संवेदनशील मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पहल पर एक बार फिर विदेश में फंसे 50 झारखण्डी कामगारों को वापस उनके घर और गाँव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगामी 11 से 18 दिसंबर तक सभी कामगार के झारखण्ड लौट आयेंगे। इसके लिए जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
झारखण्डी कामगारों के मलेशिया की लीडमास्टर इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत 70 कामगारों के फंसे होने की शिकायत राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को 24 सितंबर 2024 को प्राप्त हुई। बताया गया कि कामगारों का चार महीने से वेतन लंबित है उन्हें भोजन की अनुपलब्धता और वतन वापसी की समस्याएं सामने आ रहीं हैं। मामले की जानकारी जब मुख्यमंत्री को हुई तबतक चुनाव हेतु आचारसंहिता लागू हो गया, इसके बाद इनकी वापसी की प्रक्रिया धीमी हो गई थी, लेकिन चुनाव समाप्त होने और नई सरकार गठन के बाद अब कामगारों के स्वदेश वापसी का रास्ता साफ़ हो गया है। 70 कामगारों में से 50 कामगार झारखण्ड के हैं एवं अन्य दूसरे प्रदेशों के रहने वाले हैं।
बकाया आठ महीने का वेतन मिला
जानकारी के अनुसार, सभी कामगारों का अनुबंध के तहत 1,700 मलेशियन रिंगिट (मुद्रा/रुपया) का वेतन तय था, परंतु उन्हें 1,500 रिंगिट ही दिए जा रहे थे, जिसमें भी कटौती हो रही थी। भोजन की सुविधा नहीं दी गई और धमकियां भी मिल रहीं थीं ।
इसको लेकर कामगारों ने मलेशिया पुलिस से शिकायत दर्ज भी की। बाद में कामगारों ने इस मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन श्रम विभाग को भेजा। श्रम विभाग के निर्देशानुसार प्रोटेक्टर ऑफ़ एमिग्रांत, राँची को मामला पत्र राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा प्रेषित किया गया। श्रम विभाग के पहल पर भारतीय दूतावास, कुआलालंपुर द्वारा कंपनी एवं कामगारों को दूतावास के कार्यालय बुलाया गया, जहाँ दोनों पक्षों का सत्यापन किया गया, जिसके फलस्वरूप भारतीय दूतावास ने सभी कामगारों को अपने संरक्षण में रखते हुए कंपनी को बकाया भुगतान करने एवं श्रमिकों के भारत वापसी सुनिश्चित कराने को कहा।
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हमने इंदिरा गांधी को नहीं छोड़ा, अब तेरी बारी, उल्टी गिनती शुरू…

  • बागेश्वर वाले धीरेंद्र शास्त्री को मिली जान से मारने की धमकी
पंजाब: हिन्दू समाज की एकजुटता को लेकर 9 दिवसीय पदयात्रा निकालने वाले बागेश्वर बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को जान से मार देने की धमकी मिली है. पंजाब से सिख कट्टरपंथी नेता बरजिंदर परवाना ने बागेश्वर बाबा को यह धमकी दी है. जिसके बाद परवाना के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है.
कट्टरपंथी नेता ने भरे मंच से धमकी देते हुए कहा- बाबा नोट कर ले, आज से तेरी उल्टी गिनती शुरू हो गई है. तुझे भी मार डालेंगे. बताया जा रहा है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान को लेकर यह धमकी दी गई है. बरजिंदर परवाना के धमकी देने वाले बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वायरल वीडियो में बरजिंदर कहता नजर आया- बागेश्वर धाम का एक साधु कह रहा है कि वह जो हरमंदिर है वहां पूजा और अभिषेक करेगा. मैं कहता हूं आओ लेकिन याद रखना, हमने इंदिरा गांधी को नहीं छोड़ा. बाबा नोट कर ले, उल्टी गिनती शुरू. बरजिंदर परवाना ने आगे कहा- हरमंदिर साहिब तो दूर अमृतसर आकर दिखा. तू आ तो सही… तुझको भी मार डालेंगे.
क्या बोले थे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?
पूरा विवाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान को लेकर कथित कंफ्यूजन के कारण उभरता नजर आ रहा है. धीरेंद्र शास्त्री ने 18 मार्च को मुरादाबाद में कहा था कि हरिहर मंदिर में रुद्राभिषेक होना चाहिए. अब तो जल्द से जल्द उस मंदिर की पूजा भी प्रारंभ हो जानी चाहिए. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान संभल के हरिहर मंदिर को लेकर था, न कि पंजाब के गोल्डन टेंपल के लिए. सिख कट्टरपंथी बरजिंदर परवाना ने इसे गोल्डन टेंपल के लिए समझ लिया.
बरजिंदर की गिरफ्तारी की मांग
सिख नेता की धमकी के विरोध में शिवसेना पंजाब के प्रधान अवतार मौर्य, पंजाब यूथ प्रधान अजय गुप्ता एवं जिला प्रवासी सेल प्रधान सोहनलाल एसएसपी खन्ना अश्विनी गोत्याल से मिले और परवाना के खिलाफ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को जान से मारने की धमकी देने को लेकर शिकायत दी. उन्होंने बरजिंदर परवाना पर पंजाब में माहौल खराब करने का भी आरोप लगाया. एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया और विश्व हिंदू तख्त प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने 48 घंटे में सिख कट्टरपंथी बरजिंदर परवाना को गिरफ्तार करने की मांग की है. ऐसा नहीं किए जाने पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही है.
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